
मुंबई : (Mumbai) शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राऊत (Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut) ने विमान हादसों की पिछली जांचों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (डीजीसीए) (Directorate General of Civil Aviation) से पूछा है कि महाराष्ट्र और देश में हुए कई प्लेन क्रैश की जांच का क्या हुआ।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु के बाद सुरक्षा को लेकर मुद्दा गरमा गया है। राऊत ने कहा कि अब तक देश में कई चार्टर फ्लाइट हादसे हो चुके हैं। अहमदाबाद में बोइंग प्लेन क्रैश होने से कई लोग मारे गए थे। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री की मौत हो गई थी। डीजीसीए ने इन सभी घटनाओं की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन उन जांचों के नतीजों के बाद आगे क्या हुआ, इसकी पब्लिक रिपोर्ट कभी देश के सामने नहीं आई। चुनावों के दौरान कई नेता अलग-अलग प्राइवेट एयरलाइन कंपनियों की सर्विस लेते हैं। एयरक्राफ्ट की वैलिडिटी, पायलट, टेक्नीशियन, उनकी क्वालिफिकेशन और सुरक्षा की जांच करना डीजीसीए (DGCA’s responsibility to check the validity of the aircraft, the pilots, technicians, their qualifications, and overall safety) की जिम्मेदारी है।
ऱाऊत ने कहा कि बारामती एयरपोर्ट पर पहले भी कई बार प्लेन लैंड हुए हैं। अजित पवार कई बार वहां गए हैं। हालांकि, कल की घटना में विजिबिलिटी कम लग रही है। प्लेन ने दो बार लैंड करने की कोशिश की, लेकिन पहली नजर में ऐसा लगता है कि वह रास्ता भटक गया। क्या डीजीसीए तकनीकी खराबी और दूसरे कारणों की भी जांच करेगा। कई हादसों के बाद जांच की घोषणा की जाती है, लेकिन उन जांचों के नतीजे कभी सार्वजनिक नहीं किए जाते। ब्लैक बॉक्स से सही खराबी और उस समय असल में क्या हुआ था, इसका पता चल जाएगा।


