
नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (BJP) ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी को संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया।
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा (BJP’s former president and Leader of the House in the Rajya Sabha, JP Nadda) ने पत्रकारों से कहा कि जिस तरह से आज फिर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने आदतन संसदीय मर्यादा को तार-तार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाय, कम है। आज जब राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अभिभाषण दे रहीं थी और अपने अभिभाषण में वंदे मातरम का 150वां साल मनाये जाने की बात कर रही थीं, बंगाल की धरती से स्वतंत्रता के उद्घोष और अमर मनीषी बंकिम बाबू के कृतित्व को याद कर नमन कर रहीं थीं तो कांग्रेस और इंडी गठबंधन के अन्य घटक दलों के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। ऐसा कर के उन्होंने वन्देमातरम राष्ट्र गीत का अपमान किया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने ऋषिपुरुष बंकिम बाबू (Bankim Chandra Chattopadhyay) का भी अपमान किया। इस दृश्य को पूरे देश ने देखा है। मुझे समझ में नहीं आता कि वंदे मातरम्, बंकिम बाबू और पश्चिम बंगाल की धरती से कांग्रेस और इंडी गठबंधन को इतनी नफरत क्यों है? आश्चर्य की बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्षी हंगामे में साझेदार बन रही थी। इन लोगों ने संसद की गरिमा को जिस तरह ठेस पहुंचाया है। वह अति निंदनीय है। इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाए वो कम है। इन लोगो को संसद और देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।


