
नई दिल्ली : (New Delhi) राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लांड्रिंग मामले में हथियार डीलर संजय भंडारी से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दाखिल पूरक चार्जशीट पर प्रवर्तन निदेशालय (Rouse Avenue Court has granted the Enforcement Directorate) (ED) को दलीलें रखने का समय दे दिया है। स्पेशल जज सुशांत चंगोट्रा ने मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को करने का आदेश दिया।
इसके पहले सुनवाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) की ओर से कहा गया था कि उसके खिलाफ मनी लांड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है। रॉबर्ट वाड्रा के वकील ने कहा था कि ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट को संज्ञान नहीं लेना चाहिए।
इस मामले में ईडी ने जवाब दाखिल कर संजय भंडारी (Sanjay Bhandari) की इस दलील का विरोध किया है कि संपत्तियों को जब्त करने की याचिका खारिज की जाए। 4 अक्टूबर, 2025 को संजय भंडारी ने संपत्तियों को जब्त करने की ईडी की याचिका को खारिज करने की मांग की थी। संजय भंडारी ने कहा था कि ईडी को अपनी याचिका में नये तथ्यों को पेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
कोर्ट ने 5 जुलाई, 2024 को संजय भंडारी को मनी लांड्रिंग के मामले (money laundering case) में भगोड़ा घोषित कर दिया था। ईडी की ओर से कहा गया था कि संजय भंडारी की भारत, दुबई और ब्रिटेन में बेनामी संपत्तियां हैं। दिल्ली के वसंत विहार, पंचशील शॉपिंग कांप्लेक्स और शाहपुर जाट के अलावा नोएडा और गुरुग्राम में भी बेनामी संपत्तियां हैं। इसके अलावा कई बैंक खाते संजय भंडारी की पत्नी के नाम से है। ईडी ने कहा था कि संजय भंडारी के पास 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है। कोर्ट के इस फैसले का संजय भंडारी की ओर से दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है जो अभी लंबित है।
कोर्ट ने दिसंबर, 2023 में ईडी की ओर से संजय भंडारी के खिलाफ दाखिल पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। पूरक चार्जशीट में संयुक्त अरब अमीरात के बिजनेसमैन सीसी थम्पी और ब्रिटेन स्थित व्यवसायी सुमित चड्ढा का नाम शामिल किया है। उनमें से संजय भंडारी कथित तौर पर कांग्रेस प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी हैं। ईडी के मुताबिक उसने सुमित चड्ढा (businessman Sumit Chadha) और उनकी पत्नी को समन जारी किया था लेकिन दोनों जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।
ईडी के चार्जशीट में कहा गया है कि यूपीए के शासनकाल में भंडारी ने कमीशन लिया और लंदन में संपत्ति खरीदी जिसके लाभार्थी मालिक रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) हैं। रॉबर्ट वाड्रा ने ईडी के आरोपों को गलत बताया था। इस मामले में पहले ईडी ने हथियार डीलर संजय भंडारी के मनी लांड्रिंग मामले में दक्षिण दिल्ली में पंचशील पार्क में पंचशील शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित संपत्ति को कब्जे में लिया था जो कि एसबी हॉस्पिटेलिटी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (SB Hospitality and Services Private Limited) के नाम पर रजिस्टर्ड कराया गया है। ईडी ने 2017 में भंडारी और दूसरे आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।


