
पलवल : (Palwal) पलवल जिले (Palwal district) में भारतीय सेना में तैनात एक जवान से प्लॉट दिलाने के नाम पर आठ लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित जवान ने होडल निवासी एक प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथी पर रकम लेने के बावजूद प्लॉट का कब्जा न देने, धमकी देने और धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर होडल थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
होडल थाना प्रभारी राजेश कुमार (Hodal police station in-charge Rajesh Kumar) ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि जिला मथुरा (उत्तर प्रदेश) के छाता क्षेत्र निवासी रोहताश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि वह भारतीय सेना में नायक के पद पर तैनात हैं। जून 2023 में उनकी मुलाकात होडल निवासी राजेंद्र और पलवल के आमरू गांव निवासी राज कटारिया से हुई थी, जिन्होंने खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताते हुए प्लॉट दिलाने का प्रस्ताव दिया।
आरोप है कि दोनों ने मित्रोल गांव स्थित अपनी साइट पर 100 वर्ग गज का एक प्लॉट दिखाया और इसकी कीमत 8 लाख 50 हजार रुपये तय की। आरोपियों ने टैक्स बचाने का झांसा देते हुए रजिस्ट्री में प्लॉट की कीमत मात्र पांच लाख रुपये दिखाने की बात कही और भरोसा दिलाया कि बाद में कब्जा दे दिया जाएगा।
पीड़ित जवान का कहना है कि उसने शुरुआत में 2 लाख 40 हजार रुपये नकद दिए, जबकि शेष रकम चेक और ऑनलाइन माध्यम से अलग-अलग किस्तों में अदा की। उसके पास सभी भुगतानों का रिकॉर्ड और रसीदें मौजूद हैं। पूरी रकम चुकाने के बाद जब वह अपने बताए गए प्लॉट पर चारदीवारी कराने पहुंचा, तो आरोपी राज कटारिया ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर उसे वहां से भगा दिया।
आरोप है कि इसके बाद होडल निवासी राजेंद्र (Rajendra, the resident of Hodal) ने भी प्लॉट का कब्जा देने से साफ इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने यह भी बताया कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से प्लॉट का इंतकाल नहीं होने दिया और उनके पास दिए गए दो ब्लैंक चेक अब भी मौजूद हैं, जिनका गलत इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। इस मामले को लेकर पीड़ित जवान ने पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला को लिखित शिकायत दी थी। एसपी के निर्देश पर होडल थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


