
दावोस : (Davos) फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (French President Emmanuel Macron) ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) (World Economic Forum) की वार्षिक बैठक में वैश्विक राजनीति के मौजूदा रुझानों पर कड़ा संदेश देते हुए ‘ताकतवर की हुकूमत’ और ‘साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाओं’ की तीखी आलोचना की। उनके बयान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (US President Donald Trump) की विदेश नीति पर परोक्ष हमला माना जा रहा है।
मैक्रों ने कहा कि दुनिया “नियमों के बिना व्यवस्था” (“system without rules) की ओर बढ़ रही है, जहां अंतरराष्ट्रीय कानून को कुचला जा रहा है और केवल ताकत का नियम चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सामूहिक शासन के अभाव में सहयोग की जगह बेतहाशा प्रतिस्पर्धा ले रही है।
उन्होंने आपसी व्यापार को लेकर अमेरिका की मांगों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य यूरोप को कमजोर और अधीन बनाना है। मैक्रों ने नए टैरिफ लगाने की नीति को “मौलिक रूप से अस्वीकार्य” बताया, खासकर जब इन्हें क्षेत्रीय संप्रभुता पर दबाव बनाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाए।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ट्रम्प की ओर संकेत करते हुए मैक्रों (Russian President Vladimir Putin and Trump, Macron) ने कहा कि एक बार फिर ‘साम्राज्यवादी सोच’ उभर रही है। उन्होंने जोर दिया कि यूरोप अब जवाब देने में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर अपने हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाएगा।
मैक्रों ने यूरोपीय संघ की ‘एंटी-कोएर्शन मैकेनिज्म’ (‘anti-coercion mechanism) यानी तथाकथित ‘ट्रेड बाजूका’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसे आज के कठिन हालात में इस्तेमाल करने से हिचकना नहीं चाहिए। साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि यूरोप अमेरिका के कर्ज में निवेश घटाकर भी वॉशिंगटन पर दबाव बना सकता है।


