
नई दिल्ली/कोलकाता : (New Delhi/Kolkata) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने (Enforcement Directorate) मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश में शुरू हुए 658 करोड़ रुपये के कथित फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स (GST input tax credit) क्रेडिट के सिलसिले में कई राज्यों में छापेमारी की।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी 658 करोड़ रुपये के कथित फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट के सिलसिले में कई राज्यों में छापेमारी कर रही है। इस मामले से जुड़े व्यक्तियों और कंपनियों के कई परिसरों की धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की जा रही जांच के सिलसिले में झारखंड, पश्चिम बंगाल और मणिपुर में तलाशी ली जा रही है।
अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर (Itanagar, Arunachal Pradesh) स्थित ईडी कार्यालय विभिन्न राज्य पुलिस बलों के समन्वय से इस अभियान का संचालन कर रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला ईटानगर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि राकेश शर्मा और आशुतोष कुमार झा (Rakesh Sharma and Ashutosh Kumar Jha) नामक व्यक्तियों ने बिना किसी वास्तविक वस्तु या सेवा की आपूर्ति किए फर्जी रसीद के जरिए ‘‘धोखाधड़ी’’ करके इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाया। इस मामले में ‘सिद्धि विनायक ट्रेड मर्चेंट्स’ नाम की एक फर्जी कंपनी भी शामिल है, जिसके जरिए 658.55 करोड़ रुपये के कथित फर्जी बिल के आधार पर 99.31 करोड़ रुपये का आईटीसी लिया गया। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों में फैली 58 फर्जी कंपनियां भी ईडी की जांच के दायरे में हैं।
उल्लेखनीय है कि आईटीसी वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली में एक कानूनी प्रावधान है, जो व्यावसायिक संस्थाओं को व्यवसाय से संबंधित खरीद पर भुगतान किए गए जीएसटी पर क्रेडिट का दावा करके अपनी कर देनदारी को कम करने की अनुमति देता है।


