
वाराणसी : (Varanasi) वाराणसी में लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी से पूर्व प्रत्याशी रहे अतहर जमाल लारी (Athar Jamal Lari, a former Bahujan Samaj Party candidate in the Lok Sabha elections) ने मंगलवार को कहा कि अगर हमारे लोग अपने फैक्ट्री में या दुकान में नमाज पढ़ लें तो वह भी जुर्म, हमारे ऊपर मुकदमा कायम हो जाएगा। आखिर ऐसा क्यों और किसी दूसरे के लिए कहीं भी कुछ भी कर ले, सब माफ है। कोई जुर्म नहीं, कोई परेशानी नहीं है।आखिर वर्तमान में यह दोहरा मापदंड क्यों है ?
पूर्व प्रत्याशी अतहर जमाल लारी (Former candidate Athar Jamal Lari) ने कहा कि अगर मस्जिद नमाजियों से भर जाए और बाहर नमाज पढ़ लें तो जुर्म मान लिया जाता है। सड़क पर, रेलवे प्लेटफार्म पर, ट्रेन में, किसी सुनसान जगह पर, किसी पार्क में, किसी मैदान में नमाज पढ़ लें तो जुर्म मान लिया जाता है, अब तो हम अपने घर में भी नमाज पढ़ते हैं तो वह भी जुर्म हो गया है।
पूर्व प्रत्याशी ने कहा कि संविधान क्या कहता है, फिर संविधान का मतलब क्या है। बड़े ही दुख के साथ कहना पड़ता है कि हमारी मजहबी आजादी क्यों छीनी जा रही है। क्या हमारे इन जगहों पर नमाज पढ़ लेने से किसी धारा का उल्लंघन होता है या शांति में बाधा पैदा होती है।


