
मुंबई में कांग्रेस अध्यक्ष के इस्तीफे मांग हुई तेज
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र में हुए नगर निगम चुनाव (municipal elections in Maharashtra) में कांग्रेस की असफलता की जिम्मेदारी लेते हुए ठाणे जिला कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत पाटिल (municipal elections in Maharashtra) ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों का इस्तीफा दे दिया है।
विधान परिषद सदस्य भाई जगताप (Legislative Council member Bhai Jagtap) ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ (Mumbai Congress President and MP Varsha Gaikwad) के इस्तीफे की मांग की है। इसी तरह के विरोधी सुर महाराष्ट्र के कई जिलों में उभरने लगे हैं।
ठाणे जिला कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत ने रविवार को अपना इस्तीफा देने से पहले पत्रकारों को बताया कि उन्होंने ठाणे नगर निगम का चुनाव महाविकास आघाड़ी (Maha Vikas Aghadi) के बैनर तले लड़े जाने की मांग की थी। लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने अपने बल पर चुनाव लडऩे के लिए निर्णय लिया। इससे ठाणे में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा है। वे इसी कारण अपने सभी पदों से इस्तीफा पार्टी नेतृत्व को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीति से सन्यास ले लेंगे। इसी तरह मुंबई में काग्रेस पार्टी को नगर निगम चुनाव में सिर्फ २४ सीटें मिलीं।
इस पर नाराजगी जताते हुए विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ का इस्तीफा मांगा है। भाई जगताप ने कहा कि मुंबई में कांग्रेस पार्टी को महाविकास आघाड़ी के सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लडऩा चाहिए था। लेकिन वर्षा गायकवाड़ ने मनमानी फैसला लेते हुए अकेले चुनाव लड़ा था और पार्टी को पराजय का सामना करना पड़ा। इसलिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए वर्षा गायकवाड़ को मुंबई अध्यक्ष पद का इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि मुबई काग्रेस ने भाई जगताप को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
इसी तरह की स्थिति पुणे, पनवेल, नवी मुंबई, वसई विरार, मीरा भाईंदर , नासिक आदि जगह भी देखने को मिल रही है। इन जगहों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाराजगी मिटाने का प्रयास कर रहे हैं।


