
सीएम ममता पर जांच में बाधा डालने का आरोप
कोलकाता : (Kolkata) पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (assembly elections) से पहले ईडी की आई-पैक कार्यालय पर छापेमारी के मामले ने राज्य के साथ-साथ देशभर की सियासत में गर्माहट तेज कर दी है। बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तेज हुआ तो यह मामला बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसके बाद अब यह खबर सामने आ रही है कि सर्वोच्च न्यायालय गुरुवार को प्रवर्तन निदेशायल (Enforcement Directorate’s) (ED) की याचिका पर सुनवाई कर सकता है। ईडी की तरफ से दायर इस याचिका में पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने आई-पैक कार्यालय और उसके डायरेक्टर प्रतिक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी में हस्तक्षेप किया और जांच में बाधा डाली। ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि छापेमारी के समय सीएम ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) खुद वहां आईं और फिर कथित तौर पर महत्वपूर्ण दस्तावेज के फाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने साथ ले गईं। एजेंसी का कहना है कि इससे अधिकारियों पर डर का माहौल बन गया और केंद्रीय जांच एजेंसी की स्वतंत्रता प्रभावित हुई।
कोलकाता हाईकोर्ट में भी दायर की थी याचिका
इससे पहले 9 जनवरी को ईडी ने कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) में भी याचिका दायर की थी, जिसमें सीबीआई जांच की मांग की गई थी। ईडी का दावा है कि ममता बनर्जी ने पुलिस की मदद से छापेमारी में एजेंसी की कब्जे में मौजूद संवेदनशील दस्तावेज अपने पास ले लिए। हाईकोर्ट ने इस याचिका की सुनवाई स्थगित कर दी और टीएमसी की एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपने डेटा की सुरक्षा मांगी थी।
अब समझिए क्या है पूरा मामला
बता दें कि यह पूरा मामला 8 जनवरी का है, जब ईडी ने कथित करोड़ों रुपये के कोल-पाइफरज स्कैम की जांच के तहत आई-पैक और प्रतिक जैन के घर पर सर्च ऑपरेशन किया। इस दौरान ममता बनर्जी आई-पैक कार्यालय पहुंचीं, ईडी अधिकारियों का सामना किया और कथित तौर पर दस्तावेज ले गईं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय एजेंसी ने अतिक्रमण किया, जिसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस (West Bengal Police) ने भी ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। हालांकि दूसरी ओर टीएमसी ने ईडी के बाधा डालने के आरोपों को खारिज किया। साथ ही कहा कि ईडी का आई-पैक पर कार्रवाई का असली मकसद पार्टी के चुनावी रणनीति दस्तावेज हासिल करना था, न कि किसी निष्पक्ष जांच को आगे बढ़ाना।


