
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र में हो रहे नगर निगम चुनावों में निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों के विरुद्ध दायर की गई याचिका को बुधवार को बॉम्बे उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने खारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय से साफ तौर कहा कि चुनाव प्रक्रिया जारी है और न्यायालय इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा।
महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव (Maharashtra municipal corporation elections) के लिए 65 से अधिक उम्मीदवारों के समक्ष किसी भी दल अथवा निर्दलीय उम्मीदवार ने नामांकन नहीं भरा था। इससे इन उम्मीदवारों के पार्षद बनने का रास्ता साफ हो गया था, लेकिन विपक्ष ने इस आपत्ति जताई थी, जिससे राज्य चुनाव आयोग ने इस मामले की गहन छानबीन का आदेश दिया है। राज्य चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, इन सभी उम्मीदवारों को विजयी घोषित नहीं किया जाएगा। हालांकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अविनाश जाधव ने राज्य में बिना विरोध के चुनाव को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायाधीश गौतम अंखड (Chief Justice Chandrashekhar and Justice Gautam Ankhad) की खंडपीठ के समक्ष हुई। खंडपीठ ने कहा कि याचिका में जो मांगें हैं, उन्हें इसलिए नहीं माना जा सकता क्योंकि किसी ने यह नहीं कहा कि उम्मीदवार को आवेदन दाखिल करने से रोका गया। खंडपीठ ने कहा कि अगर कोई स्थिति बनती है, तो कमीशन को इसकी जांच करने का हक है, कोर्ट को नहीं। इसके बाद न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी। मनसे नेता के वकील असीम सरोदे (MNS leader’s lawyer, Asim Sarode) ने कहा कि हम उच्च न्यायालय से इस मामले की समयबद्ध जांच के आदेश की अपेक्षा कर रहे थे। इसका कारण इस मामले की छानबीन का आदेश राज्य चुनाव आयोग ने दिया है।


