
निकाय चुनाव से पहले सीएम फडणवीस का विपक्ष पर हमला
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis) ने आगामी निकाय चुनावों से पहले अपनी पार्टी की वैचारिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि भाजपा के लिए हिंदुत्व केवल एक चुनावी नारा नहीं, बल्कि उसकी “आत्मा” है। सीएम फडणवीस ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी ने कभी भी वोट हासिल करने के लिए हिंदुत्व का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि उसकी पूजा की है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व मराठी समाज में गहराई से जुड़ा हुआ है और उनकी सरकार हर जाति व समुदाय की परंपराओं और रीति-रिवाजों का सम्मान करती है।
ओवैसी के ‘हिजाब मेयर’ बयान पर पलटवार
मुख्यमंत्री ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM chief Asaduddin Owaisi) के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने गठबंधन सरकार बनने पर हिजाब पहनने वाली महिला के मेयर बनने की बात कही थी। फडणवीस ने इसे मराठी अस्मिता को भ्रमित करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि जब कोई ‘मराठी मुसलमानों’ के साथ गठबंधन की आड़ में इस तरह के दावे करता है और समाज को भ्रमित करने की कोशिश करता है, तब हिंदुत्व की वास्तविकता को जनता के सामने रखना अनिवार्य हो जाता है।
उद्धव ठाकरे पर तुष्टिकरण का आरोप
फडणवीस ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे (chief Uddhav Thackeray) पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वे चुनावी फायदे के लिए हिंदुत्व से दूरी बना रहे हैं। सीएम ने कहा कि केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए अपनी मूल विचारधारा को छोड़ना और किसी विशेष समुदाय को लुभाने का प्रयास करना सही नहीं है। उन्होंने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि जो लोग सत्ता के लिए सिद्धांतों से समझौता कर रहे हैं, उनका व्यवहार निंदनीय है।
बालासाहेब के सपने और लाउडस्पीकर विवाद
लाउडस्पीकर विवाद का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने बालासाहेब ठाकरे (Balasaheb Thackeray) के उस लंबे समय से चले आ रहे सपने को पूरा किया है, जिसमें वे धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के पक्षधर थे। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए की गई है। उन्होंने उन नेताओं को भी आड़े हाथों लिया जो सत्ता में वापसी पर लाउडस्पीकर दोबारा लगवाने का दावा कर रहे हैं, और कहा कि उन्हें अपने इस व्यवहार पर शर्म आनी चाहिए।


