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New Delhi : कैट ने क्विक कॉमर्स के 10 मिनट की डिलीवरी पर रोक लगाने के सरकार के फैसले का स्वागत किया

New Delhi: Welcomes the government's decision to ban Quick Commerce's 10-minute delivery.

खंडेलवाल ने कहा-ब्लिंकिट का दस मिनट में डिलीवरी की शर्त को हटाना अच्छा कदम
नई दिल्‍ली : (New Delhi)
कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of All India Traders) (CAIT) ने ब्लिंकिट और अन्‍य क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के 10 मिनट में डिलीवरी देने वाली सर्विस पर रोक लगाने के सरकार के फैसले का स्वागत किया है। कैट महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल (CAIT General Secretary Praveen Khandelwal) ने कहा कि सरकार का यह निर्णय मानवीय दृष्टिकोण से आवश्यक होने के साथ-साथ क्विक कॉमर्स क्षेत्र में अनुशासन और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कैट के राष्‍ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल (CAIT National General Secretary Praveen Khandelwal) ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि सबसे पहले संसद में मानसून सत्र 2024 के दौरान इस गंभीर मुद्दे को मजबूती से उठाया गया था। उन्होंने कहा कि क्विक कॉमर्स के अनियंत्रित विस्तार पर चिंता जताते हुए डार्क स्टोर्स पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करते हुए एक प्राइवेट मेंबर बिल प्रस्तुत किया था। उन्होंने कहा कि मैंने डार्क स्टोर्स पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करते हुए प्राइवेट मेंबर बिल प्रस्तुत किया, ताकि क्विक कॉमर्स के उस अनियंत्रित मॉडल पर रोक लगाई जा सके जो शहरी नियोजन को विकृत करता है, लोकल व्यापारियों के कारोबार को खत्म करता है, जो शोषणकारी प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है और डिलीवरी कर्मियों पर असुरक्षित दबाव डालता है।

उन्‍होंने बताया कि इसके बाद 22 अप्रैल, 2025 को नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में कैट ने क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स की तथाकथित “डार्क रियलिटी” को देश के सामने उजागर किया था। खंडेलवाल ने कहा कि इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए कैट ने 26 अक्‍टूबर, 2025 को केंद्र सरकार को एक विस्तृत पत्र भेजकर क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा कानूनों के उल्लंघन, श्रम सुरक्षा की अनदेखी और डिलीवरी कर्मियों के शोषण का विस्तृत विवरण दिया था।

खंडेलवाल ने कहा, “कैट लगातार यह चेतावनी देता रहा है कि 10 मिनट की डिलीवरी जैसी अव्यावहारिक समय-सीमा डिलीवरी कर्मियों को जानलेवा जोखिम उठाने के लिए मजबूर करती है। उन्होंने कहा, “आज सरकार द्वारा भ्रामक डिलीवरी दावों पर की गई कार्रवाई इस बात की पुष्टि करती है कि मैं संसद के भीतर और बाहर जो कहता रहा हूं, वह सही था। खंडेलवाल ने आगे कहा कि इस पूरे इकोसिस्टम को सतही सुधार नहीं, बल्कि संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता है। यह तो केवल शुरुआत है।” कैट महामंत्री ने यह भी चिंता जताई कि कुछ क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (quick commerce platforms) द्वारा हादसों के बाद जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति सामने आई है, जो स्वीकार्य नहीं है।

अंत में उन्‍होंने दोहराया कि 10 मिनट की डिलीवरी पर रोक संगठन द्वारा वर्षों से उठाई जा रही चिंताओं की स्पष्ट स्वीकारोक्ति है और इससे क्विक कॉमर्स क्षेत्र में आवश्यक एवं सकारात्मक सुधारों का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्‍होंने केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि कारोबारी संगठन भविष्य में भी न्यायसंगत, सुरक्षित, पारदर्शी और कानूनसम्मत डिजिटल व्यापार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार के साथ सक्रिय सहयोग करता रहेगा।

प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब मुद्दा व्यापारियों और उपभोक्ताओं से जुड़ा हुआ हो, तो कैट की आवाज निर्णायक होती है। कारोबारी संगठन कैट के राष्‍ट्रीय महामंत्री ने 10 मिनट की डिलीवरी पर केंद्र सरकार की रोक को वर्षों से द्वारा उठाई जा रही चेतावनियों और संघर्ष की जीत बताया। खंडेलवाल ने कहा कि यह कदम एक आसान सिद्धांत को मज़बूत करता है। यह तो बस शुरुआत है। डिजिटल इकॉनमी में सुरक्षा, काम की गरिमा और ज़िम्मेदार बिजनेस मॉडल के लिए बड़ी लड़ाई जारी रहेगी।

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