
नई दिल्ली : (New Delhi) पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (Pension Fund Regulatory and Development Authority) (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (National Pension System) (NPS) के तहत निश्चित भुगतान के लिए रूपरेखा एवं नियम तैयार करने को लेकर 15 सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। इसका उद्देश्य एनपीएस अंशधारकों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली आय को सुनिश्चित और सुरक्षित बनाना है।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि पीएफआरडीए की यह पहल पेंशन नियामक अधिनियम के अनुरूप है। इस समिति का गठन ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में पीएफआरडीए का एक अहम कदम है, जिसका उद्देश्य हर नागरिक को उम्रदराज होने के बाद आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है। इस समिति का गठन दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (Insolvency and Bankruptcy Board of India) (IBBI) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एम. एस. साहू की अध्यक्षता में किया गया है। इस समिति में विधि, मूल्यांकनकर्ता, वित्त, पूंजी बाजार एवं शिक्षा जगत जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा व्यापक विचार-विमर्श सुनिश्चित के लिए समिति को बाहरी विशेषज्ञों या मध्यस्थों को विशेष सदस्यों के तौर पर प्रतिक्रिया एवं परामर्श के लिए आमंत्रित करने का अधिकार दिया गया है।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक यह समिति नियमित पेंशन भुगतान पर एक स्थायी सलाहकार समिति के रूप में गठित की गई है। इसके मुख्य कार्यों में नियमों का विकास, बाजार आधारित गारंटी, परिचालन के तौर-तरीके खोजना, जोखिम और कानूनी निगरानी, अंशधारकों की सुरक्षा आदि शामिल हैं।पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (Pension Fund Regulatory and Development Authority) (PFRDA) भारत सरकार द्वारा स्थापित एक सांविधिक नियामक संस्था है। इसका मकसद पेंशन कोष की स्थापना, विकास एवं नियमन के माध्यम से सेवानिवृत्ति के बाद आय सुरक्षा को बढ़ावा देना और पेंशन योजनाओं से जुड़े अंशधारकों के हितों की रक्षा करना है।


