अलीपुरद्वार : (Alipurduar) मादारीहाट में तेंदुए की खाल और उसके शरीर के अंगों की तस्करी के मामले में जिला सीजेएम (District Chief Judicial Magistrate) अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत के न्यायाधीश ने तीन आरोपितों को दोषी ठहराते हुए पांच साल के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान की विभागीय वनाधिकारी परवीन काशवान (Parveen Kashwan, Divisional Forest Officer of Jaldapara National Park) ने बुधवार को बताया कि दोषियों के नाम तापस बर्मन, दीपंकर मंडल और भूपेन बर्मन है। तीनों आरोपित कूचबिहार जिले के निवासी है।
वन विभाग के अनुसार, 22 मई 2024 को जलदापाड़ा पश्चिम रेंज के वनकर्मियों ने अभियान चलाकर दक्षिण चकोयाखेती इलाके से तापस बर्मन और दीपंकर मंडल को गिरफ्तार किया था। उनके पास से एक तेंदुए की खाल बरामद की गई थी, साथ ही एक छोटी गाड़ी भी जब्त की गई थी। पूछताछ के दौरान 31 मई को तीसरे आरोपित भूपेन बर्मन को गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान चार जून को मथुरा चाय बागान इलाके से तेंदुए के अन्य अंग बरामद किए गए। जमीन के नीचे से तेंदुए की खोपड़ी, दो दांत और 17 हड्डियां मिली। यह अभियान जलदापाड़ा पश्चिम रेंज के रेंजर अयन चक्रवर्ती के नेतृत्व में चलाया गया था।
अलीपुरद्वार सीजेएम अदालत के सरकारी वकील मदनगोपाल सरकार (Madan Gopal Sarkar, public prosecutor at the Alipurduar CJM court) ने इस मामले में सफल पैरवी के लिए विभागीय वनाधिकारी परवीन काशवान (Divisional Forest Officer Parveen Kashwan) और वन विभाग की टीम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह सजा वन्यजीव संरक्षण के लिए एक मिसाल है और इससे तस्करों को कड़ा संदेश जाएगा।


