नाहन : (Nahan) जिला सिरमौर (in Sirmaur district) में पुलिस ने खुद को विजिलेंस और सीआईडी का अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमाने वाले एक फर्जी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। रेणुका जी थाना (Renuka Ji police station) पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लग्जरी गाड़ियों में हूटर और पुलिस के बोर्ड लगाकर घूम रहे इस गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार घटना सोमवार शाम करीब 6 बजकर 10 मिनट की है, जब थाना प्रभारी प्रियंका चौहान (Station House Officer Priyanka Chauhan) अपनी टीम के साथ संगडाह चौक पर यातायात जांच कर रही थीं। इसी दौरान माता रेणुका जी मंदिर की ओर से एक बोलेरो और एक इनोवा गाड़ी हूटर बजाती हुई आईं, जिन पर पुलिस के बोर्ड लगे थे।
पुलिस के रुकने के इशारे के बावजूद दोनों गाड़ियाँ नहीं रुकीं और संगडाह की ओर भाग निकलीं, जिससे पुलिस को शक हुआ। इसके बाद वायरलेस के जरिए पुलिस चौकी हरिपुरधार को सूचना दी गई, जहां नाकाबंदी कर दोनों गाड़ियों को रोक लिया गया। जांच के दौरान इनोवा की पिछली सीट पर पुलिस की वर्दी पहने एक युवक मिला, जिसकी वर्दी पर हिमाचल प्रदेश पुलिस के बैज, कंधे पर तीन स्टार और नाम की पट्टी पर वाई.एस. गुज्जर लिखा था। पूछताछ में उसने अपनी पहचान उदय शर्मा, उम्र 26 वर्ष, निवासी नयागांव, मोहाली पंजाब के रूप में बताई। जब पुलिस ने उससे पहचान पत्र मांगा तो वह कभी खुद को विजिलेंस तो कभी सीआईडी का अधिकारी बताने लगा, लेकिन कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। आरोपी के साथ एक महिला और दो लड़कियां भी थीं, जिन्हें उसने अपना लीव-इन पार्टनर बताया।
वहीं इनोवा में सवार अजय, निवासी करनाल हरियाणा, के पास से एक रिवॉल्वर और एक .315 बोर की राइफल बरामद हुई। हालांकि उसके पास हथियारों का लाइसेंस था, लेकिन हिमाचल प्रदेश में हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं थी, जो आर्म्स एक्ट का उल्लंघन है। पुलिस ने मुख्य आरोपी उदय शर्मा और उसके साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
एसपी सिरमौर निश्चित सिंह नेगी (Sirmaur Superintendent of Police (SP) Nishchay Singh Negi) ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस यह जांच कर रही है कि यह गिरोह इलाके में किस मकसद से आया था और क्या इन्होंने किसी के साथ ठगी या अन्य आपराधिक गतिविधि को अंजाम दिया है।


