हेलसिंकी : (Helsinki) यूरोप के पूर्वी हिस्से से सटे आठ देशों के नेताओं ने रूस को लेकर एकजुट और कड़ा रुख अपनाया है। फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी (Helsinki, the Finnish capital) में हुई बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में नेताओं ने स्पष्ट कहा कि रूस आज, कल और आने वाले लंबे समय तक पूरे यूरोप के लिए खतरा बना रहेगा।
फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ऑर्पो (Finnish Prime Minister Petteri Orpo) ने कहा कि यूरोप इस समय अपने अस्तित्व से जुड़े गंभीर सवालों का सामना कर रहा है। उन्होंने माना कि शांति की संभावनाएं पहले से अधिक दिखाई दे रही हैं, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि रूस की ओर से शांति की वास्तविक इच्छा के कोई ठोस संकेत नहीं मिल रहे हैं।
ऑर्पो ने कहा कि इसी कारण नॉर्डिक देशों, बाल्टिक राष्ट्रों, बुल्गारिया, पोलैंड और रोमानिया ने अपनी सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने का फैसला किया है, खासकर यूरोप की पूर्वी सीमा पर एस्टोनिया के प्रधानमंत्री क्रिस्टेन मिखाल ने चेतावनी दी कि यदि यूक्रेन में रूस को रणनीतिक रूप से रोका नहीं गया, तो वह और अधिक आक्रामक हो सकता है। उन्होंने यूरोपीय संघ से यूक्रेन के लिए प्रस्तावित वित्तीय सहायता योजना को जल्द मंजूरी देने की अपील की।
स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन (Swedish Prime Minister Ulf Kristersson) ने भी कहा कि रूस यूरो-अटलांटिक क्षेत्र की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है और यूक्रेन पर उसका युद्ध पूरे यूरोप की स्थिरता को प्रभावित कर रहा है।
इस बैठक में नेताओं ने संकेत दिया कि यूरोप अब सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।


