मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र ने ‘मांग करने वालों को सौर कृषि पंप’ (Solar Agricultural Pumps to Demanders) योजना के तहत एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। महावितरण ने एक ही महीने में 45,911 सौर कृषि पंप स्थापित करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में पंजीकृत किया गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) के उपस्थिति में विश्व रिकॉर्ड प्रमाणपत्र का वितरण शुक्रवार 5 दिसंबर को छत्रपति संभाजीनगर के शेंद्रा एमआईडीसी स्थित ऑरिक सिटी मैदान में किया जाएगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, अपारंपरिक ऊर्जा मंत्री अतुल सावे, पालकमंत्री संजय शिरसाट सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। राज्य सरकार की ओर से दावा किया गया है कि किसान को सिर्फ रक्कम भर कर सौर पैनल और कृषि पंप का पूरा सेट उपलब्ध कराने वाली इस योजना से महाराष्ट्र पूरे देश में अग्रणी बन गया है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना (Pradhan Mantri Kusum Yojana) के तहत किसानों को केंद्र सरकार से 30% और राज्य सरकार से 60% अनुदान मिलता है। इससे उन्हें केवल 10% राशि में पूरा संच प्राप्त होता है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों को सिर्फ 5% हिस्सेदारी भरनी होती है। सौर पैनल 25 वर्षों तक बिजली उत्पन्न करते हैं, जिससे इस अवधि में किसानों को बिजली बिल नहीं लगता। पारंपरिक बिजली पर निर्भर न रहने से किसान अपनी सुविधानुसार दिन के समय कभी भी सिंचाई कर सकते हैं।
राज्य ने 15 लाख सौर कृषि पंप लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे ‘पेड पेंडिंग’ बिजली कनेक्शन की दीर्घकालीन समस्या दूर होने वाली है। महावितरण ने इस योजना के लिए स्वतंत्र ऑनलाइन पोर्टल (independent online portal) विकसित किया है। किसान ऑनलाइन आवेदन करते हैं,। इसे मंजूरी मिलने के बाद किसान अपनी हिस्सेदारी भरते हैं और पंप लगाने के लिए एजेंसी का चयन करते हैं। महावितरण, एजेंसी और किसान मिलकर स्थल का संयुक्त निरीक्षण करते हैं। उसके बाद कार्यादेश जारी होता है और पंप स्थापित किया जाता है। संबंधित एजेंसी ही भविष्य में रखरखाव और मरम्मत की जवाबदार रहेगी।


