नई दिल्ली : (New Delhi) कोयला मंत्रालय (The Ministry of Coal) ने वाणिज्यिक नीलामी के 13वें दौर में तीन कोयला ब्लॉकों की नीलामी की है, जिनमें दो झारखंड में (पिरपेंती बाराहाट और धुलिया नॉर्थिस) और एक ओडिशा में (मंदाकिनी-बी) (two in Jharkhand (Pirpenti Barahat and Dhule North) and one in Odisha (Mandakini-B)) है। इन कोल ब्लॉकों से लगभग 4,620.69 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा और करीब 7,350 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होगा तथा करीब 66,248 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
कोयला मंत्रालय के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) (Damodar Valley Corporation) वाणिज्यिक खानों की नीलामी के 13वें दौर में तीन कोयला खानों के लिए सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी के तौर पर उभरी है। डीवीसी झारखंड में दो नॉन-कोकिंग कोयला खानों और ओडिशा में एक नॉन-कोकिंग कोयला खदान के लिए सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी।
मंत्रालय ने 21 अगस्त को वाणिज्यिक कोयला ब्लॉक नीलामी का 13 वां दौर शुरू किया (13th round of commercial coal block auctions on August 21) था। इसके बाद, 20 नवंबर से 25 नवंबर तक अग्रिम नीलामी आयोजित की गईं, जिसके दौरान तीन पूर्ण रूप से अन्वेषित कोयला ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई। इन ब्लॉकों में कुल मिलाकर लगभग 3,306.58 मिलियन टन का भूगर्भीय भंडार है, जिसकी पीक रेटेड क्षमता–(पीआरसी) 49 एमटीपीए है। मंत्रालय के मुताबिक ये तीनों खदानें प्रतिवर्ष 4,620.69 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न करने, 7,350 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश को आकर्षित करने और 66,248 रोजगार सृजन करने की क्षमता रखती हैं।


