वाशिंगटन : (Washington) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड (US President Donald Trump) के यूक्रेन और रूस के बीच छिड़े युद्ध को रोकने की कोशिश रंग लाती दिख रही है। अमेरिका के एक अधिकारी ने कहा कि यूक्रेन सरकार ट्रंप की मध्यस्थता में उनके शांति प्रस्ताव को लेकर होने वाले समझौते को स्वीकार करने पर सहमत हो गई है। उसे कुछ मुद्दों पर मामूली असहमति थी, जिन्हें सुलझा लिया गया है। उम्मीद है कि रूस भी समझौते पर हस्ताक्षर करने पर तैयार हो जाएगा। फिलहाल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी और यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रुस्तम उमरोव (Ukrainian National Security Advisor Rustam Umarov) ने कहा कि प्रस्ताव पर आम सहमति बन गई है। उमरोव ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (President Volodymyr Zelensky) नवंबर के आखिर से पहले अमेरिका पहुंच सकते हैं। बताया गया है कि अमेरिका के रक्षा सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने रूसी अधिकारियों से अबू धाबी में मुलाकात की है। इसके बाद मंगलवार दोपहर ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने कहा कि “असहमति के कुछ ही मुद्दे बचे हैं।” उन्होंने कहा कि दूत स्टीव विटकॉफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने मास्को जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वह अब जेलेंस्की और पुतिन से एक मेज पर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश सचिव मार्को रुबियो, युद्ध सचिव पीट हेगसेथ और व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ सूजी विल्स भी इस शांति पर दोनों पक्षों से सीधे संपर्क में हैं। बुधवार को पुतिन के विदेशी मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने रूस के पत्रकार पावेल जारुबिन से कहा कि विटकॉफ प्रतिनिधिमंडल के साथ इस माह आखिर तक मास्को आएंगे।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट (White House Press Secretary Carolyn Levitt) ने मंगलवार सुबह एक्स पर लिखा कि पिछले हफ्ते अमेरिका ने यूक्रेन और रूस दोनों को बातचीत की मेज पर लाकर शांति समझौते की दिशा में जबरदस्त तरक्की की है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को अमेरिका की तारीफ की। रूस हस्ताक्षर होने के बाद ही संपूर्ण शांति समझौते को मीडिया के सामने रखेगा। उम्मीद है कि नए शांति समझौते में ट्रंप ने अगस्त में हुई अलास्का वार्ता की मर्यादा का ध्यान रखा होगा। ट्रंप की नई योजना के मुख्य प्रस्ताव एंकरेज में बनी समझ पर आधारित हैं। पुतिन ने इसे पसंद किया है।


