नई दिल्ली : (New Delhi) उच्चतम न्यायालय (The Supreme Court) ने मार्च 2022 में धौलपुर में दलित इंजीनियर के साथ मारपीट के मामले में राजस्थान के पूर्व विधायक गिरिराज मलिंगा (former Rajasthan MLA Giriraj Malinga) को झटका दिया है। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली मलिंगा की याचिका खारिज कर दिया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश (A bench headed by Justice M.M. Sundaresh) की अध्यक्षता वाली पीठ ने धौलपुर से जयपुर जिला अदालत में ट्रांसफर करने के राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश को सही करार दिया। अब ये मामला जयपुर की जिला अदालत में चलेगा।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि मामले में पर्याप्त सबूत हैं और ट्रायल कोर्ट में समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने जयपुर पुलिस कमिश्नर को गवाहों की सुरक्षा और सुनवाई प्रक्रिया की निगरानी का निर्देश दिया।
दरअसल, मार्च 2022 में धौलपुर के बाड़ी में दलित इंजीनियर हर्षाधिपति (Dalit engineer Harshadhipati) के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि पूर्व विधायक गिरिराज मलिंगा ने अपने साथियों के साथ इंजीनियर के दफ्तर में घुसकर कुर्सी से हमला कर दिया और उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। गिरिराज मलिंगा पर आरोप है कि उन्होंने इंजीनियर को जातिसूचक गालियां भी दी। इस घटना के बाद मलिंगा के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई।


