काठमांडू : (Kathmandu) नेपाल में युवाओं के आंदोलन के दौरान जेल ब्रेक की घटना के संबंध में उच्चस्तरीय जांच आयोग ने पूर्व उपप्रधानमंत्री रवि लामिछाने (former Deputy Prime Minister Ravi Lamichhane) को सिंहदरबार स्थित अपने कार्यालय में तलब किया है।
पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की (judge Gauri Bahadur Karki) की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग जेन-ज़ी आन्दोलन के दौरान घटित घटनाओं की जांच कर रहा है। आयोग के अनुसार ८–९ सितम्बर को नख्खु जेल में हुई घटनाओं से संबंधित बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उसी दौरान लामिछाने को जेल से यह कहते हुए छोड़ा गया था कि “सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।”
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के पूर्व अध्यक्ष रवि लामिछाने (Former National Independent Party president Ravi Lamichhane) इस समय ललितपुर की नख्खु जेल में सहकारी घोटाले के आरोप में बंद हैं। आयोग ने बताया कि लामिछाने के अतिरिक्त उसकी पत्नी निकिता पौडेल और पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष डीपी अर्याल के बयान भी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।


