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New Delhi : सब्सक्रिप्शन के लिए खुला मिडवेस्ट लिमिटेड का पब्लिक इश्यू, 24 अक्टूबर को लिस्टिंग

नई दिल्ली : (New Delhi) नेचुरल स्टोन्स की माइनिंग और प्रोसेसिंग (mines and processes natural stones) करके देश विदेश में बेचने वाली कंपनी मिडवेस्ट लिमिटेड का 451 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 17 अक्टूबर तक बोली लगाई जा सकती है। कंपनी के शेयर 24 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई (BSE and NSE) पर लिस्ट हो सकते हैं। आईपीओ में बोली लगाने के लिए 1,014 रुपये से लेकर 1,065 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स (Retail investors) कम से कम 14 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,910 रुपये का निवेश करना होगा। आईपीओ के तहत 250 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी हो रहे हैं। इसके साथ ही कंपनी के प्रमोटर्स द्वारा 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 201 करोड़ रुपये के 18,87,323 शेयरों को ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये भी बेचा जा रहा है। आईपीओ खुलने से एक दिन पहले मंगलवार को मिडवेस्ट लिमिटेड (Midwest Limited) ने 10 एंकर इनवेस्टर्स से 135 करोड़ रुपये जुटाए। इन एंकर इनवेस्टर्स में गोल्डमैन सैक्स फंड, एक्सिस म्यूचुअल फंड्स ट्रस्टी लिमिटेड, सन लाइफ आदित्य बिरला इंडिया फंड, एडेलवाइज ट्रस्टीशिप कंपनी लिमिटेड, एडेलवाइज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (Edelweiss Life Insurance Company Limited) जैसे प्रमुख घरेलू संस्थागत निवेशकों के नाम शामिल हैं। एंकर इनवेस्टर्स को 1,065 रुपये के भाव पर 12,67,605 शेयर जारी किए गए हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए 49.88 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 34.91 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए 14.96 प्रतिशत हिस्सा और एंप्लॉयीज के लिए 0.24 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए डैम कैपिटल एडवाइजर्स लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनया गया है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 20 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 54.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 100.32 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 133.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 522.23 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 603.33 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 643.14 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2025 में कंपनी को 24.38 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हो चुका है। इसी तरह इस अवधि में कंपनी को 146.47 करोड़ की आय हासिल हो चुकी है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 149.08 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 120.48 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 236.61 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2025 के बाद कर्ज का बोझ 270.11 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इस दौरान कंपनी के रिजर्व और सरप्लस (reserves and surplus) में लगातार बढ़ोतरी हुई। ये वित्त वर्ष 2022-23 में408.88 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 484.86 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 602.26 करोड़ रुपये हो गया। मौजदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2025 तक कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 625.60 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया।

इसी तरह 2024-25 में ईबीआईटीडीए (EBITDA) 171.78 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2022-23 में 89.59 करोड़ रुपये था। मौजदा वित्त वर्ष की बात करें तो कारोबारी साल की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2025 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 38.97 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया।

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