डीजीपी ने प्रदेश के सभी एडीजीपी, आईजी, सीपी की ली बैठक
जिलों में अवैध विदेशी नागरिकों के विरूद्ध कार्रवाई को बनेगा अलग सेल
अपराध अनुसार बदमाशों की बनेंगे अलग-अलग श्रेणियां
चंडीगढ़ : (Chandigarh) हरियाणा पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर (Haryana Director General of Police Shatrujeet Kapoor) ने राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों तथा वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के विरुद्ध अभियान चलाएं। सभी जिलों के एसपी इसके लिए अलग से सेल का गठन करें और इनपुट के आधार पर तुरंत कार्रवाई करें। डीजीपी ने अधिकारियों को इस संबंध में एक रिपोर्ट हर सप्ताह चंडीगढ़ मुख्यालय में भेजने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस महानिदेशक त्योहारी सीजन के मद्देनजर प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस आयुक्तों और रेंज आईजी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक ले रहे थे। बैठक में हरियाणा में अवैध रूप से रह रहे दूसरे देश के नागरिकों, सूदखोरों, अपराधियों व हुड़दंगियों पर कार्रवाई, ट्रैफिक प्रबंधन और त्योहारों के सीजन की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई।
बैठक में कपूर ने सूदखोरों के खिलाफ चल रहे अभियान पर सोनीपत की पुलिस आयुक्त ममता सिंह (Sonipat Police Commissioner Mamta Singh) से रिपोर्ट ली। डीजीपी ने कहा कि जो सूदखोर गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर भारी ब्याज वसूलते और उनकी संपत्ति हड़पते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। डीजीपी ने निर्देश दिए कि थाना प्रभारी स्वयं अपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों पर नजर रखें। पुलिस महानिदेशक ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि बदमाशों की अलग-अलग श्रेणियां बनाकर उन पर कार्रवाई की जाए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात एवं राजमार्ग) हरदीप दून ने (Additional Director General of Police (Traffic and Highways) Hardeep Doon) बताया कि 5 से 14 सितंबर तक 30603 चालान किए गए। इनमें शराब पीकर ड्राइविंग करने के खिलाफ कार्रवाई, ध्वनि प्रदूषण और अन्य यातायात नियम उल्लंघन पर कार्रवाई शामिल रहे।
त्योहारों के सीजन को देखते हुए कपूर ने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़े मेलों और मंदिरों में भारी भीड़ के दौरान दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए वहां उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। भीड़ सीमा से अधिक होने पर मुख्य द्वार पर ही प्रवेश नियंत्रित किया जाए। संदिग्ध व आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाए।


