जोधपुर : (Jodhpur) नाबालिग से रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम ने शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर (Asaram, who is serving life sentence in the case of raping a minor, surrendered in Jodhpur Central Jail) कर दिया। राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अगस्त को उनकी अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद आसाराम सुबह जोधपुर के पाल गांव स्थित अपने आश्रम से रवाना हुआ और जेल पहुंचकर सरेंडर किया।
जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर (bench of Justice Dinesh Mehta and Justice Vineet Kumar) की खंडपीठ ने 27 अगस्त को सुनवाई के दौरान आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने जोधपुर एम्स की मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने या लगातार चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता नहीं है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, आसाराम को कोरोनरी आर्टरी डिजीज है और वह हाई रिस्क श्रेणी में आते हैं। उन्हें विशेष नर्सिंग देखभाल, नियमित निगरानी और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट व नेफ्रोलॉजिस्ट से (endocrinologist and nephrologist) परामर्श की जरूरत है।
हालांकि, कोर्ट ने माना कि उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि जमानत की अवधि बढ़ाई जाए। आसाराम की स्वास्थ्य जांच अहमदाबाद के एक सरकारी अस्पताल में तीन डॉक्टरों की टीम ने की थी। इस मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने उनकी जमानत अवधि बढ़ाने से इनकार किया। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि आसाराम ने पिछले कुछ महीनों में इलाज के लिए कई शहरों में विभिन्न अस्पतालों में यात्राएं कीं, लेकिन नियमित फॉलोअप नहीं कराया।
आसाराम को दो मामलों में उम्रकैद
उल्लेखनीय है कि आसाराम को दो अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा (sentenced to life imprisonment)सुनाई गई है। पहला मामला 2013 का है, जिसमें जोधपुर में एक नाबालिग लडक़ी से बलात्कार का आरोप सिद्ध हुआ था। दूसरा मामला गुजरात के गांधीनगर स्थित उनके आश्रम में सूरत की एक महिला के साथ बलात्कार का है। दोनों ही मामलों में उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली है। आसाराम को जनवरी 2025 में करीब 12 साल बाद पहली बार अंतरिम जमानत मिली थी। साढ़े सात महीने की जमानत अवधि के दौरान उन्होंने अपने बेटे नारायण साईं से भी मुलाकात की थी। नारायण साईं, जो स्वयं सजा काट रहे हैं, 25 जून को सूरत जेल से जोधपुर के पाल गांव स्थित आसाराम के आश्रम पहुंचे थे। यह मुलाकात 11 साल बाद हुई थी।


