मुंबई : (Mumbai) ठाणे के येउर वन क्षेत्र में गट्टारी ( पार्टी)के कारण नशे में धुत होकर (Yeoor forest area of Thane) भीड़भाड़, शोरगुल, अस्वच्छ परिस्थितियों और प्रकृति को हो रहे नुकसान को देखते हुए वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। येउर वन क्षेत्र 23 और 24 जुलाई को आम नागरिकों के लिए बंद रहेगा। वन विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस दौरान किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
पिछले कुछ वर्षों से, गट्टारी के अवसर पर नागरिक बड़ी संख्या में येउर में भीड़भाड़ करते रहे हैं। शराब पीना, ध्वनि प्रदूषण, अभद्र व्यवहार, जंगल के नालों में नहाना, प्लास्टिक और कांच का कचरा प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों के लिए खतरा बन रहा था। इसी के चलते, इस वर्ष येउर वन क्षेत्र में गट्टारी उत्सव पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, वन रेंज अधिकारी मयूर सुरवसे ने बताया।
वन विभाग, ठाणे शहर पुलिस, यातायात नियंत्रण शाखा और राज्य आबकारी विभाग ने मिलकर इन दो दिनों की योजना बनाई है। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के बोरीवली विस्तार में स्थित येउर वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है और यहाँ के तटबंध, नदियाँ और पहाड़ी क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील हैं। वन विभाग ने कहा है कि यहाँ भीड़भाड़ वन्यजीवों के आवास के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।
येउर में वन विभाग के अधिकारी मयूर सरवसे (Forest Department official Mayur Sarvase) ने अपील की है कि लोग गट्टारी मनाने के लिए जंगल में न आएँ। प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए नागरिकों को सहयोग करना चाहिए। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वन विकास अधिनियम 1927 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी।


