जयपुर :(Jaipur) जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-1(District Consumer Commission No. 1) महानगर प्रथम ने गंदगी और फंगस वाली मिरंडा ब्रांड की कोल्ड ड्रिंक का बेचान करने को विक्रेता और निर्माता का सेवा दोष माना है। इसके साथ ही आयोग ने बोतल विक्रेता श्रीजी एंटरप्राइजेज और निर्माण वरुण ब्रेवरेज (Shreeji Enterprises and Nirman Varun Beverage) पर पन्द्रह हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। इसके साथ ही आयोग से बोतल के मूल्य के तौर पर वसूले गए 55 रुपये भी ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। आयोग अध्यक्ष सूबे सिंह यादव और सदस्य हेमलता अग्रवाल व आशुतोष चौधरी ने यह आदेश महेश कुमार गुप्ता के परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए।
परिवाद में अधिवक्ता सत्यपाल ने आयोग को बताया कि घर पर मेहमान आने पर उसने 28 मई, 2016 को विपक्षी दुकानदार से मिरंडा की 1.25 लीटर की बोलत 55 रुपये में खरीदी थी। परिवादी ने मेहमानों को परोसने के लिए जैसे ही बोतल खोलनी चाही, एक मेहमान की नजर बोतल में पड़े कचरे पर गई। मेहमान के टोकने पर परिवादी ने बिना खोले ही बोतल का निरीक्षण किया तो उसमें कचरे के साथ-साथ फंगस भी मिला। ऐसे में उसे क्षतिपूर्ति राशि दिलाई जाए। इसका विरोध करते हुए दुकानदार ने कहा कि वह बोतल के पेय का निर्माता नहीं है। वह दूसरे विपक्षी की ओर से निर्मित पेय को सिर्फ बेचने का काम ही करता है। ऐसे में यदि बोतल में फंगस है तो इसके लिए निर्माता की जिम्मेदारी है। दूसरी ओर निर्माता वरुण ब्रेवरेज की ओर से कहा गया कि परिवादी ने बोतल की जांच के लिए उसे निर्माता की प्रयोगशाला में नहीं भेजा। ऐसा लगता है कि बोतल में एंटरपोल्यूषन कर कचरा डाला होगा। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आयोग ने विक्रेता और निर्माता पर हर्जाना लगाया है।


