गढ़चिरौली : (Gadchiroli) महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर कवंडे गांव (Kawande village on Maharashtra-Chhattisgarh border) में सुरक्षा बलों ने दुर्दांत नक्सली मन्नू सुलगे पल्लो उर्फ अंकल (Mannu Sulge Pallo alias Uncle) को गिरफ्तार कर लिया। छह साल पहले गढ़चिरौली के जांभुलखेडा में हुए आईईडी विस्फोट में वह शामिल था, जिसमें 15 जवान बलिदान हुए थे। सरकार ने मन्नू सुलगे पल्लो पर 6 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 27 जून को पुलिस दल और राज्य रिजर्व बल बटालियन (State Reserve Force battalion) की टीम भामरागड़ तालुका के कवांडे में गश्त पर थी, तभी एक संदिग्ध व्यक्ति दिखा। उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो पता चला कि वह नक्सलियों के कोरची दलम का डिप्टी कमांडर मन्नू सुलगे पल्लो उर्फ अंकल है।मन्नू को गिरफ्तार कर उसे कुरखेड़ा पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने शनिवार को उसे कुरखेड़ा प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जहां कोर्ट ने उसे 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
भामरागढ़ तालुका के कवांडे गांव का रहने वाला मन्नू पल्लो उर्फ अंकल 13 साल की उम्र में नक्सली गतिविधियों में शामिल हुआ था। उसे छत्तीसगढ़ में माओवादी एनआईबी कंपनी (Maoist NIB company in Chhattisgarh) के सदस्य के रूप में भर्ती किया गया था। 2017 में उसे भामरागड़ दलम भेजा गया।इसके बाद उसने कोरची दलम में नक्सली संगठन में डिप्टी कमांडर के रूप में कार्य किया। वह 2020 से महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर कावंडे वन क्षेत्र में रह कर माओवादी गतिविधियों में सक्रिय था।
गढ़चिरौली के कुरखेड़ा तालुका के जांभुलखेड़ा जंगल में 2 मई 2019 को हुए आईईडी विस्फोट में 15 जवान बलिदान हो गए थे। इस हमले में मन्नू पल्लो सक्रिय रूप से शामिल था। इसके साथ ही 29 मार्च 2021 को खोबरामेंढा जंगल में हुई मुठभेड़ में भी वह शामिल था। सरकार ने उस पर 6 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।


