जयपुर : (Jaipur) पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Former Chief Minister Ashok Gehlot) ने पाकिस्तान के आतंकी कैंपों पर भारतीय एयर स्ट्राइक के बाद कांग्रेस सांसदों के चयन को लेकर हुए विवाद को सरकार की “शरारत” करार दिया है। गहलोत ने कहा कि यह मुद्दा शशि थरूर की गलती के कारण बढ़ा, जो सरकार के दबाव में बेजा बयान दे गए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए, खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद।
गहलोत ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि शशि थरूर को पार्टी से बात करके इस विवाद को सुलझाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पार्टी में शशि थरूर का सम्मान किया जाता है और वे एक अनुभवी नेता हैं, लेकिन इस मामले में थरूर को स्पष्ट करना चाहिए था कि इस पर पार्टी हाईकमान से बात करनी चाहिए। गहलोत ने कहा कि थरूर की गलती से यह मुद्दा बड़ा बना, जबकि सरकार का यह कदम सिर्फ विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश है।
गहलोत ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू (Union Minister Kiren Rijiju) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि रिजिजू अब इस विवाद को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि असल में उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को फोन किया था।
गहलोत ने पाकिस्तान के आतंकी कैंपों पर भारतीय वायुसेना के हमले को सराहा और इसे सरकार की सूझबूझ का परिचय बताया। उन्होंने कहा कि इस हमले से पूरी दुनिया को यह संदेश गया कि भारत की लड़ाई आतंकवाद से है, न कि पाकिस्तान की सेना या नागरिकों से। गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का राजस्थान में आना स्वागत योग्य है, क्योंकि इससे राज्य को लाभ होता है।
गहलोत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के कश्मीर मामले पर बयान देने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप का यह बयान भारत की संप्रभुता में हस्तक्षेप जैसा था, और यह खतरनाक है। गहलोत ने कहा कि कश्मीर मामले में किसी तीसरे पक्ष का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को ट्रंप के ट्वीट के तुरंत बाद जवाब देना चाहिए था, लेकिन पीएम मोदी चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ी है।
गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले को सही तरीके से संभालने में नाकाम रही है, और अब तिरंगा यात्रा निकालकर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा का राजनीतिक लाभ उठाना गलत है, क्योंकि पूरा देश सेना के साथ खड़ा है।


