काठमांडू : (Kathmandu) नेपाली क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान संदीप लामिछाने (Former captain of the Nepali cricket team Sandeep Lamichhane) ने नेपाल क्रिकेट बोर्ड के साथ अपने अनुबंध को तोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने यह घोषणा अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर की है। उन्होंने कहा है कि अब वो आगे किसी भी विदेशी टीम के साथ खेलने के लिए स्वतंत्र हैं। लामिछाने ने स्पष्ट किया कि वह हमेशा की तरह ही जुनून और प्रतिबद्धता के साथ खेलेंगे और बोर्ड ने उन्हें मौका दिया तो नेपाल का प्रतिनिधित्व जारी रखेंगे। वैसे बोर्ड ने स्कॉटलैंड जाने वाली टीम में उनका नाम नहीं रखा है, जिसके कारण उन्होंने अपना अनुबंध समाप्त होने की एकतरफा घोषणा की है।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ नेपाल (Cricket Association of Nepal) (सीएएन) की और से बुधवार को स्कॉटलैंड में आगामी श्रृंखला के लिए टीम को विदाई देने के ठीक पहले संदीप लामिछाने की यह घोषणा बोर्ड के लिए एक बड़ा झटका है। अपने संदेश में लामिछाने ने कहा कि इस निर्णय का मतलब यह नहीं है कि वो क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वो देश भी नहीं छोड़ने वाले हैं, बल्कि क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि क्रिकेट के खेल में वो अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
नेपाली क्रिकेट टीम का लंबे समय तक नेतृत्व करने वाले संदीप लामिछाने पर एक नाबालिग से बलात्कार का आरोप लगा था, जिस पर जिला अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई थी। बाद में हाई कोर्ट ने जिला अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए उन्हें सभी आरोपों से मुक्त करने के साथ ही उनकी सजा को भी खत्म कर दिया। बाद में सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के साथ ही बोर्ड ने उन्हें निलंबित कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने उनके निलंबन के फैसले पर रोक लगाते हुए अंतिम फैसला न आने तक क्रिकेट खेलने पर रोक नहीं लगाने को कहा था। इसके बावजूद बोर्ड ने उनका नाम स्कॉटलैंड जाने वाली टीम में शामिल नहीं किया।


