spot_img

Kota : पश्चिम मध्य रेलवे ने गत वित्तीय वर्ष में 8200 करोड़ से अधिक अर्जित किया मूल राजस्व

कोटा : (Kota) पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय की सतत निगरानी और नेतृत्व में रेलवे की मूल राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जबलपुर, भोपाल और कोटा—इन तीनों मंडलों के वाणिज्य एवं परिचालन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा निरंतर प्रयास किए गए, जिससे रेल राजस्व में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी संभव हो सकी। बीते वित्तीय वर्ष में पमरे ने पैसेंजर और संड्री अर्निंग श्रेणियों में अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि प्राप्त की है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी, कोटा सौरभ जैन के अनुसार, अप्रैल 2024 से मार्च 2025 की अवधि में पश्चिम मध्य रेलवे ने कुल 8201 करोड़ 97 लाख रुपये का मूल राजस्व अर्जित किया। इस राजस्व में यात्री यातायात से 2424 करोड़ 33 लाख रुपये, माल यातायात से 5245 करोड़ 22 लाख रुपये, अन्य कोचिंग मद से 176 करोड़ 45 लाख रुपये तथा विविध (संड्री) मद से 355 करोड़ 97 लाख रुपये का योगदान रहा।

यात्री यातायात से प्राप्त राजस्व में वृद्धि के लिए पमरे द्वारा कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। रेल यात्रियों के लिए यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया गया, विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया तथा उनकी अवधि को यात्रियों की सुविधा अनुसार विस्तारित किया गया। प्रतीक्षा सूची को कम करने के लिए अतिरिक्त कोच लगाए गए, वहीं ट्रेनों को मिलने वाले प्रायोगिक ठहराव की अवधि में भी वृद्धि की गई। इसके अलावा अधोसंरचना कार्यों में तेजी लाकर ट्रेनों की गति में सुधार किया गया और समयपालन पर विशेष ध्यान दिया गया।

पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडलों द्वारा किए गए इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप रेलवे राजस्व में यह उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी है। पमरे की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि समन्वित योजना, आधुनिक प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देने से रेलवे को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना संभव है।

Explore our articles