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New Delhi : वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित, पक्ष में पड़े 288 मत

नई दिल्ली : (New Delhi) लोकसभा ने बुधवार को देर रात तक चली चर्चा के बाद मुसलमान की दान की गई संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़े वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment) को मत विभाजन के बाद पारित कर दिया। विधायक के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 मत पड़े। विपक्ष की संशोधन की मांग पर हुई वोटिंग के दौरान विपक्षी नेताओं के सभी संशोधन खारिज हो गए।

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू (Minister of Minority Affairs Kiren Rijiju) ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा अल्पसंख्यक भारत में सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों के सुरक्षित होने का सबसे बड़ा कारण बहुसंख्यकों का धर्मनिरपेक्ष रवैया है।

वक्त विधेयक पर करीब 12 घंटे चली चर्चा का मध्य रात्रि में उत्तर देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि संशोधन विधेयक के अधिनियम बनने के बाद गरीब और पिछड़े मुसलमान को लाभ मिलेगा और वह इस ऐतिहासिक दिन को याद कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दुआएं देंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष विधेयक को बेहतर बनाने पर चर्चा करने की बजाय कलेक्टर की भूमिका पर ही सवाल उठाता रहा। हमें एक सरकारी अधिकारी पर विश्वास रखना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विधेयक के वर्तमान प्रावधानों के तहत केवल मौखिक आधार पर भी वक्फ संपत्ति घोषित की जा सकती थी लेकिन हमारी सरकार ने अब इसके लिए दस्तावेजों का होना आवश्यक कर दिया है। रिजिजू ने यह भी कहा कि वर्तमान में जितनी भी वक्फ संपत्तियां हैं, उसका बहुत कम प्रतिशत ही चैरिटेबल कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है।

वहीं, संशोधन विधेयक पर विपक्षी दलों के रुख की आलोचना करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि “वे सच स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि विपक्ष वक्फ बिल को असंवैधानिक बता रहा है, लेकिन असंवैधानिक क्यों है इसके पीछे तर्क नहीं दे पा रहे। इसलिए मैंने उम्मीद छोड़ दी है कि वो लोग समझेंगे।

इससे पहले, बुधवार की सुबह केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा था कि विधेयक केवल वक्फ से जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़ा है और इसका धार्मिक विषयों से कुछ लेना-देना नहीं है। विपक्ष मुसलमानों को अपना वोट बैंक मानता है और उसे गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। यह विधेयक न केवल मुसलमानों बल्कि देश के हित में है और इसके पारित होने पर विपक्ष को भी बदलाव का अनुभव होगा।

‘वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025’ के साथ इससे जुड़े निष्क्रिय हो चुके पुराने अधिनियम को कागजों से हटाने के लिए ‘मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2025’ लाया गया है। नए विधेयक का नाम अंग्रेजी में यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट इंपावरमेंट इफिशिएंट एंड डेवलपमेंट बिल (उम्मीद बिल) रखा गया है। हिन्दी में यह एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम होगा।

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