रांची : (Ranchi) विधानसभा के बजट सत्र में शनिवार को श्रम विभाग के कटौती का प्रस्ताव रखते हुए भाजपा विधायक राज सिन्हा ने कहा कि राज्य में प्लेसमेंट एजेंसियां मजदूरों का शोषण कर रही हैं। सरकार प्लेसमेंट एजेंसियों पर नकेल नहीं कस रही है। आर्थिक सर्वे के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी अधिक बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन के कारण बेरोगारी दर कम है। विधायक ने कहा कि झारखंड में 11 लाख पंजीकृत बेरोजगार हैं जो चिंतनीय है। उन्होंंने सरकार से पूछा कि क्या रेशम उत्पादन का लक्ष्य 1500 मिलियन टन को पूरा किया जा सका। उन्होंने कहा कि राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम में पारदर्शिता नहीं है। सरकार के कार्यकाल में कोई भी निवेश नहीं आया। कंपनियां बाहरी लोगों को बुलाकर रोजगार दे रही है।
स्मार्ट मीटर में आ रहा पांच गुणा बिल
विधायक ने कहा कि लोगों को स्मार्ट मीटर से पांच गुणा बिजली बिल आ रहा है। यह शिकायत पूरे राज्य भर से है। प्री-पेड मीटर लगाने का काम भी पूरा नहीं हो सका है। उन्होंने श्रम विभाग के बजट को शर्म विभाग का बजट करार दिया। विधायक मंजू कुमारी ने भी स्मार्ट मीटर से उनके क्षेत्र में दोगुना बिजली बिल आने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में लोग स्मार्ट मीटर को उखाड़ कर फेंक रहे हैं।
तसर शिल्क के लिए विशेष पैकेज की हो घोषणा : दशरथ
झामुमो के विधायक दशरथ गगराई ने सरकार तसर शिल्क के लिए विशेष पैकेज देने की घोषणा करने की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों को रखा और विपक्ष पर निशाना साधा। विधायक ने कहा कि सरकार ने गरीबों 3500 करोड़ का बिजली बिल माफ किया है। विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री पशुओं को प्रेम करते हैं उसी तरह से उन्हेंं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति भी स्नेह प्रदर्शित करना चाहिए।


