नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता (Delhi Assembly Speaker Vijender Gupta) के मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र के अनुपालन में दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को सभी विभागों के सचिवों और विभागाध्यक्षों को विधानसभा सदस्यों के साथ व्यवहार करते समय निर्देशों का पालन करने के लिए एक परिपत्र जारी किया है।
प्रशासन और सांसदों तथा राज्य विधानसभाओं के बीच व्यवहार के लिए दिल्ली सरकार के एसओपी का उल्लेख करते हुए सामान्य प्रशासन के अतिरिक्त सचिव ने कहा कि ऐसा कोई अवसर नहीं होना चाहिए कि विधायकों या सांसदों को ऐसी शिकायतें करने के लिए बाध्य होना पड़े। इन निर्देशों का पालन न करने पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिकारी के मूल्यांकन में यह एक महत्वपूर्ण इनपुट होगा।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा अध्यक्ष ने बुधवार को मुख्य सचिव धर्मेंद्र को लिखे पत्र में चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ ऐसे मामले मेरे संज्ञान में लाए गए हैं, जहां विधानसभा के सदस्यों के पत्र, फोन कॉल या संदेशों के रूप में किए गए संचार को संबंधित अधिकारी द्वारा स्वीकार भी नहीं किया गया है। विधानसभा के सदस्यों की बात नहीं सुनना एक गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि इस संबंध में दिल्ली के सामान्य प्रशासन विभाग और केन्द्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से समय-समय पर जारी किए गए सरकारी निर्देशों को दोहराने की तुरंत आवश्यकता है। साथ ही मुख्य सचिव से आगे इस संबंध में उठाए गए कदमों के बारे में सूचित करने को भी कहा था।


