विधान परिषद के सभापति पर भेदभाव का आरोप लगाकर विपक्ष ने भी किया प्रदर्शन
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र में दिशा सालियान (case of Disha Salian) की माैत के मामले में बाॅम्बे हाई काेर्ट में दायर एक याचिका में यूबीटी विधायक आदित्य ठाकरे के नाम हाेने पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। गुरुवार काे सत्तापक्ष के विधायकाें ने इस मामले में शिवसेना यूबीटी के विधायक आदित्य ठाकरे (Shiv Sena UBT MLA Aditya Thackeray) के इस्तीफे की मांग काे लेकर विधानसभा के गेट पर प्रदर्शन किया। विपक्ष के विधायकों ने विधान परिषद के सभापति राम शिंदे पर भेदभाव पूर्ण कामकाज करने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया।
विधान भवन की सीढ़ियाें पर सत्तापक्ष के विधायकाें ने सुबह ही दिशा सालियन की आत्महत्या मामले में आदित्य ठाकरे के इस्तीफे की मांग काे लेकर प्रदर्शन किया। मंत्री नीतेश राणे ने कहा कि इस मामले की फिर से छानबीन किए जाने के लिए दिशा सालियन के पिता ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। दिशा के पिता ने अपनी याचिका में उनकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने और उसके बाद दिशा उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। इस याचिका में आदित्य ठाकरे का भी नाम लिया गया है। इसलिए आदित्य ठाकरे को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
विधान भवन की सीढ़ियाें पर विपक्ष के विधायकाें ने भी प्रदर्शन किया। यह विधायक विधान परिषद के सभापति राम शिंदे (Council Ram Shinde) पर भेदभावपूर्ण कामकाज करने का आरोप लगा रहे थे। विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने कहा कि सत्तापक्ष खुद सरकार में शामिल है। उन्हें इस तरह आंदोलन करना शोभा नहीं देता। उन्हें मुख्यमंत्री या संबंधित मंत्री से मिलकर अपनी मांग पूरा कर लेना चाहिए, लेकिन उन्हें सिर्फ ठाकरे परिवार को बदनाम करना है। इसलिए इस तरह का प्रदर्शन कर रहे हैं।
दानवे ने कहा कि प्रदर्शन विपक्ष का हथियार है। हमें विधानपरिषद में बोलने नहीं दिया जाता है, इसलिए हम यहां प्रदर्शन कर रहे हैं। दानवे ने कहा कि विधान भवन की सीढिय़ों पर भी प्रदर्शन करने का अधिकार सिर्फ विपक्ष को है, इसे भी सत्तापक्ष छीनने का प्रयास कर रहा है।


