मुंबई : (Mumbai) शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India) (सेबी) की पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने माधबी पुरी बुच समेत छह अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के स्पेशल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है।
हाई कोर्ट ने मंगलवार को विशेष अदालत के उस आदेश पर चार हफ्ते के लिए रोक लगा दी, जिसमें सेबी की पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ कथित शेयर बाजार धोखाधड़ी और विनियामक उल्लंघन के लिए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। बुच ने स्पेशल कोर्ट के इस आदेश को हाई कोर्ट में सोमवार को चुनौती दी थी, जिस पर मंगलवार तक के लिए रोक लगाई गयी थी।
न्यायालय ने आज सुनवाई के दौरान कहा कि यह आदेश यंत्रवत पारित किया गया था। न्यायमूर्ति शिवकुमार डिगे (Justice Shivkumar Dige) की एकल पीठ ने कहा कि विशेष अदालत का एक मार्च का आदेश बिना विस्तृत जानकारी के और आरोपी की कोई विशेष भूमिका बताए बिना यंत्रवत पारित किया गया था। हाई कोर्ट ने कहा, “शिकायतकर्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि न्यायाधीश ने डिटेल्स में जाए बिना और आवेदकों को उनकी भूमिका बताए बिना आदेश पारित कर दिया है। इसलिए इस आदेश पर रोक लगा दी गई है।”
उल्लेखनीय है कि मुंबई के एक स्पेशल एंटी-करप्शन कोर्ट ने एक मार्च, शनिवार को शेयर फ्रॉड से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। यह आदेश स्पेशल जज एसई बांगर ने ठाणे बेस्ड जर्नलिस्ट सपन श्रीवास्तव की ओर से दायर याचिका पर दिया था। सपन ने स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी की लिस्टिंग में बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल फ्रॉड और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।


