नई दिल्ली : (New Delhi)सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर के ऐतिहासिक जलमहल झील के पास नाइट मार्केट लगाने और मार्केट से जुड़ी गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस एएस ओका की अध्यक्षता वाली बेंच ने जलमहल झील की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए जयपुर हेरिटेज नगर निगम से कहा कि अगर आप इस झील को नष्ट कर देंगे तो ये स्मार्ट सिटी कैसे बन पाएगा। मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी।
कोर्ट ने जयपुर हेरिटेज नगर निगम को फटकार लगाते हुए कहा कि आपकी लापरवाही और उपेक्षापूर्ण रवैये की वजह से जल महल जैसी ऐतिहासिक धरोहर को बहुत नुकसान पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट ने झील में सीवेज और कचरा के प्रवाह को रोकने के लिए काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) और नेशनल एन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) के विशेषज्ञों की एक टीम बनाने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर हेरिटेज नगर निगम को निर्देश दिया कि जब तक विशेषज्ञों की रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक नाइट मार्केट से जुड़ी गतिविधियों पर रोक के उसके आदेश पर अमल हो। कोर्ट ने 21 मार्च तक विशेषज्ञों को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।


