कोलकाता : (Kolkata) पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। गुरुवार देर रात नेपाल में जोरदार भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र नेपाल के सिंधुपालचोक जिले के भैरवकुंड में था और इसका स्रोत धरती के दस किलोमीटर भीतर स्थित था। इस भूकंप के झटके बिहार के पटना और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सिलीगुड़ी में रात के समय इस झटके के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए थे।
नेपाल के भूकंप अनुसंधान केंद्र (Earthquake Research Center of Nepal) ने इसकी तीव्रता 6.1 बताई है, लेकिन जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंस के अनुसार, यह भूकंप 5.6 तीव्रता का था। वहीं, भारत के नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी और अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे ने इसकी तीव्रता 5.5 बताई है।
भूकंप के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर सबसे अधिक झटके महसूस किए गए। रात 2:51 बजे (नेपाल के स्थानीय समय) पर आए इस भूकंप के बाद लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन स्थानीय प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है।
नेपाल भूकंप प्रवण क्षेत्र में आता है और यह ‘सिस्मिक जोन’ (‘seismic zone’) चार और पांच के अंतर्गत पड़ता है, जहां भूकंप की संभावना हमेशा बनी रहती है। 2015 में नेपाल में आए 7.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में 9000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और हजारों इमारतें ध्वस्त हो गई थीं। उस त्रासदी के बाद भी नेपाल में कई छोटे और मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहे हैं।


