धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष शाश्वत कपूर ने प्रदेश के उद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला के भू जल को लेकर हाल ही में आई आईआईटी मंडी की रिपोर्ट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से इस बाबत जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने शनिवार को जारी एक प्रेस बयान में कहा कि आईआईटी मंडी की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल के बद्दी बरोटीवाला में भू जल में कैंसर पैदा करने वाले प्रदूषक पाए गए हैं जोकि एक बहुत ही चिंताजनक विषय है।
भाजयुमो नेता ने कहा कि हैरानी और डर की बात यह है कि ये सब प्रदूषक ज़मीन के अंदर भूजल तक पंहुच चुके हैं जिसे आमतौर पर सबसे ज़्यादा साफ़ सुथरा माना जाता है और सार्वजनिक तौर पर बड़ी मात्रा में पीने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है।
उन्होंने कहा कि बद्दी बरोटीवाला में प्रदेश के सभी ज़िलों से आम परिवारों के युवा रोज़गार के लिए एक भारी संख्या में रहते हैं। प्रदेश भर के लिए इस प्रकार की बातें सामने आना चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-2022 के बीच हिमाचल में कैंसर के मामलों में 800 प्रतिशत की बढ़ौतरी हुई है। वर्ष 2013 में कैंसर के 2419 मामले थे जोकि 2022 में 17212 पंहुच गए। इस सब के बीच 25 से 35 सालों के युवाओं में भी कैंसर मरीज़ों की संख्या बहुत अधिक है।
रासायनिक कचरे का सही ट्रीटमेंट न होने की वजह से ही बद्दी बरोटीवाला जैसे उद्योगिक क्षेत्रों में यह समस्या बद से बदतर हो रही है जिसपर प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द कदम उठाने चाहिए। मुख्य कारणों की खोज कर उसका निवारण करना अब प्रदेश सरकार का दायित्व है।
कपूर ने कहा कि हमारे संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार हर नागरिक को जीवन का अधिकार, स्वास्थ्य का अधिकार और इसी में स्वच्छ पर्यावरण का भी अधिकार है। प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन न हो राज्य का यह दायित्व है और राज्य को अपना दायित्व का निर्वहन करने की आवश्यकता है।


