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Prayagraj : स्कूल सेविका को 35 साल बाद मिला बकाया वेतन, राज्य सरकार को हर्जाने सहित एक लाख भुगतान करने के निर्देश

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ‘प्रजा सुखे सुखं राज्ञः, प्रजानां तु हिते हितों’

प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कन्या जूनियर हाईस्कूल बांदा से सेवानिवृत्त सेविका को हर्जाने सहित बकाया वेतन न्याय हित में एकमुश्त एक लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि लोक कल्याणकारी राज्य होने के नाते सरकार चार हफ्ते में याची को भुगतान करे।

कोर्ट ने कहा याची महिला एक जुलाई 1977 मे 15 रूपये प्रतिमाह वेतन पर अंशकालिक सेविका नियुक्त की गई। 14 मई 1981 को सहायक इंस्पेक्टर स्कूल ने वेतन बढ़ाकर 165 रूपये कर दिया। किंतु वित्तीय अनुमोदन न मिल पाने के कारण वह 15 रूपये वेतन पर काम करती रही। मई 1996 में वह वेतन भी रोक दिया गया। हाईकोर्ट में याचिका दायर की तो कोर्ट ने निर्णय लेने का निर्देश दिया। वेतन बढ़ाने का आदेश 1985 में वापस ले लिया गया। जिसे चुनौती नहीं दी गई। 2010 में यह याचिका दायर की जिसमें तय वेतन की मांग की गई। याचिका लम्बित रही। वह 2016 तक कार्यरत रहते हुए साठ साल की आयु में सेवानिवृत्त हो गई।

कोर्ट ने कहा 35 साल तक का 165 रूपये के हिसाब से 69 हजार 300 रूपये होते हैं। उसे दो बार हाईकोर्ट आना पड़ा। इसलिए हर्जाने सहित एक लाख दिया जाय। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने श्रीमती भगोनिया देवी की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।

कोर्ट ने अपने आदेश में चाणक्य के अर्थशास्त्र के श्लोक का उल्लेख किया कि ‘प्रजा सुखे सुखं राज्ञः, प्रजानां तु हिते हितों।’ यानि प्रजा के सुख में राजा का सुख निहित है। प्रजा के हित में ही उसे अपना हित दिखना चाहिए।

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