सम्मेलन में डब्ल्यूटीओ के 164 सदस्य देशों के व्यापार मंत्री शामिल होंगे
नई दिल्ली : (New Delhi) भारत ने शुक्रवार को विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization) (डब्ल्यूटीओ) के अबूधाबी में 26 फरवरी को होने वाले सम्मेलन में शामिल होने वाले देशों के सकारात्मक रुख के साथ आने और विकासशील देशों की चिंताओं को सुने जाने की उम्मीद जताई है।केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यहां आयोजित ‘रायसीना डायलॉग-2024’ परिचर्चा में उम्मीद जताई कि अन्य देश भी भारत की तरह सकारात्मक रुख के साथ बातचीत के लिए आएंगे। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि डब्ल्यूटीओ ने वैश्विक व्यापार के लिए मजबूत नियम स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है लेकिन इस संगठन में कई समस्याएं भी हैं।
गोयल ने रायसीना डायलॉग-2024 को संबोधित करते हुए घरेलू विनिर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने में भारत की सफलता पर जोर दिया। उन्होंने भारत को एक आत्मविश्वासी वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परिवर्तनकारी नेतृत्व को भी रेखांकित किया। वाणिज्य मंत्री ने विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर जारी वार्ता के बारे में कहा कि किसी समझौते के न्यायसंगत, संतुलित एवं उचित नहीं होने पर भारत उसमें कोई जल्दबाजी नहीं दिखाता है।
विश्व व्यापार संगठन का 13वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 26 से 29 फ़रवरी, 2024 तक अबू धाबी में आयोजित होने वाला है। चार दिवसीय इस सम्मेलन में डब्ल्यूटीओ के 164 सदस्य देशों के व्यापार मंत्री शामिल होंगे। इस बैठक में कृषि, मत्स्य पालन सब्सिडी और ई-कॉमर्स व्यापार पर सीमा शुल्क पर रोक जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
भारत इस समय ब्रिटेन, ओमान और 4 देशों के यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ एफटीए को अंतिम रूप देने के करीब है। ईएफटीए में आइसलैंड, लिशटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल है।


