देश-विदेश के पंतगबाजों के साथ मुख्यमंत्री ने लड़ाए पेंच
अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आरंभ
55 देशों के 153 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज, 12 राज्यों के 68 पतंगबाज और गुजरात के 23 शहरों के 865 पतंगबाज महोत्सव में पहुंचे
अहमदाबाद : अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट, वल्लभ सदन में रविवार को मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2024 का उद्घाटन किया। आयोजन 07 से 14 जनवरी के दौरान किया गया है। इस महोत्सव में 55 देशों के 153 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज, 12 राज्यों के 68 राष्ट्रीय पतंगबाज और गुजरात के 23 शहरों के 865 पतंगबाजों ने हिस्सा लिया है। ये पतंगबाज आकाश में विभिन्न आकार एवं डिजाइन की पतंगे उड़ाकर लोगों को अचंभित करेंगे।
इसके साथ इस आयोजन के तहत ही विभिन्न शहरों एवं पर्यटन स्थलों पर पतंग महोत्सव का आयोजन किया गया है। 08 जनवरी को वडोदरा, 09 जनवरी को एकता नगर एवं द्वारका, 10 जनवरी को सूरत एवं राजकोट, 11 जनवरी को धोरडो एवं वडनगर तथा 12 जनवरी को नडाबेट में भी पतंग महोतस्व का आयोजन किया गया है। अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव के अंतर्गत 07 से 13 जनवरी के दौरान प्रतिदिन शाम 07 से रात्रि 09 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि वाइब्रेंट नवरात्रि महोत्सव हो या अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव, गुजरात ने लोगों को सदैव अपनी संस्कृति और सामर्थ्य की अनुभूति कराई है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं। इतना ही नहीं, छोटे-मोटे व्यवसाय के जरिए रोज कमाने-खाने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति भी सुधरती है तथा अन्य संबद्ध रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होती है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात का पतंग उद्योग लगातार वृद्धि कर रहा है। 40 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ गुजरात देश का सबसे बड़ा पतंग उत्पादक बाजार बन गया है। साथ ही, आज पतंग का व्यापार श्रमजीवियों के लिए एक सहारा भी बन गया है। आज एक पतंग बनाने के पीछे कई लोगों को रोजगार मिल रहा है। पतंग के साथ-साथ डोर, चकरी, गोंद की पट्टी, तिल के लड्डू और उंधियू तक सभी व्यापार इससे जुड़े हुए हैं। पर्यटन मंत्री मूलुभाई बेरा ने स्वागत भाषण में कहा कि उत्तरायण सूर्य देव की आराधना का दिन है। पतंगोत्सव आज एक ग्लोबल उत्सव बन गया है। पर्यटन स्थलों के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुजरात में अनेक ऐतिहासिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों का विकास कर और ढांचागत सुविधाएं विकसित कर पर्यटन गति को तेजी देने के लिए कार्यरत है।
इस अवसर पर ऋषि कुमारों द्वारा आदित्य स्तुति वंदना की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री एवं अन्य महानुभावों ने दुनिया के कई देशों एवं भारत के विभिन्न राज्यों से आए पतंगबाजों की परेड का अभिवादन स्वीकार किया। इसके अलावा, युवक सेवा, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां विभाग की ओर से ‘गुजरात मीन्स ग्रोथ’ और ‘गुजरात के विकास की पतंग’ विषय पर आधारित नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर कुटीर उद्योग एवं सहकारिता राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा, अहमदाबाद की महापौर प्रतिभा जैन, देश-विदेश से आमंत्रित अतिथि, पतंगबाज, राजनयिक, स्थानीय विधायक, मनपा पदाधिकारी, पार्षदगण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में शिरकत कर रहे हैं 55 देशों के 153 पतंगबाज
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव के अंतर्गत आयोजित पतंग प्रतियोगिता में 55 देशों के 153 पतंगबाज हिस्सा ले रहे हैं। इसके अंतर्गत अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, बेलारूस, बेल्जियम, ब्राजील, बुल्गीरिया, कंबोडिया, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डेनमार्क, एस्टोनिया, फ्रांस, जॉर्जिया, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, इंडोनेशिया, इराक, इजरायल, इटली, जापान, जॉर्डन, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, लेबनान, लिथुआनिया, मलेशिया, माल्टा, मॉरीशस, मेक्सिको, मोरक्को, नेपाल, नीदरलैंड, ओमान, फिलीपींस, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, रशिया, सऊदी अरब, सिंगापुर, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, श्रीलंका, थाइलैंड, ट्यूनीशिया, तुर्की, यूक्रेन, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और वियतनाम जैसे देशों के प्रतिस्पर्धी पतंग स्पर्धा में हिस्सा ले रहे हैं।
12 राज्यों के 68 पतंगबाज लड़ाएंगे पेंच अंतराष्ट्रीय पतंग महोत्सव के तहत आयोजित पतंग प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों के 68 पतंगबाज पेंच लड़ाएंगे। जिनमें बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के पतंगबाज शामिल हैं।
गुजरात के 23 शहरों के 865 पतंगबाज लेंगे हिस्सा
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में गुजरात के 23 शहरों के 865 पतंगबाज हिस्सा ले रहे हैं। इनमें अहमदाबाद, अमरेली, आणंद, भरूच, भावनगर, कच्छ, बोटाद, गांधीनगर, जसदण, जूनागढ़, खेड़ा, लुवारा, मोटा भाडिया, नवसारी, ओड, पाटण, राजकोट, राणपुर, साबरकांठा, सावरकुंडला, सूरत, थानगढ़ और वडोदरा के पतंगबाज शामिल हैं।


