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Ahmedabad : पश्चिम रेलवे के 7 कर्मचारियों को प्रदान किया जाएगा अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार

अहमदाबाद : भारतीय रेलवे उत्कृष्ट कार्य करने और विभिन्न श्रेणियों में अनुकरणीय, उत्कृष्ट और सराहनीय प्रदर्शन करने वाले अपने लगभग 100 रेलकर्मियों को हर साल सम्मानित करती है। इन रेलकर्मियों को भारतीय रेल के 1.2 मिलियन रेलकर्मियों में से चुना जाता है। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन मानदंडों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जोनल रेलवे को भी दक्षता शील्ड प्रदान की जाती है।

पिछले वर्ष तक इन पुरस्कारों को राष्ट्रीय रेल पुरस्कार या रेल मंत्री (एमआर) पुरस्कार कहा जाता था। हालांकि, इस वर्ष से संपूर्ण पुरस्कार इको-सिस्टम को संशोधित किया गया है और इसका नाम बदलकर ‘अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार’ कर दिया गया है। यह पुरस्कार केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा प्रदान किया जाएगा, जिसमें पुरस्कार विजेताओं को एक रजत पदक और योग्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। इस वर्ष इन पुरस्कारों और शील्डों को प्रदान करने के लिए 68वां राष्ट्रीय रेल सप्ताह समारोह 15 दिसंबर को नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।

इस वर्ष पश्चिम रेलवे के सात रेलकर्मियों को वर्ष 2022-23 के दौरान उनके सराहनीय कार्य करने के लिए प्रतिष्ठित ‘अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार’ पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। ये पुरस्कार विजेता हैं:- (1) योगेश कुमार – उप मुख्य इंजीनियर, चर्चगेट (2) अनंत कुमार- उप मुख्य इंजीनियर, अहमदाबाद (3) डॉ. ज़ेनिया गुप्ता- वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, अहमदाबाद (4) प्रियांश अग्रवाल- वरिष्ठक मंडल इंजीनियर, मुंबई सेंट्रल (5) मेनका डी. पांडियन- वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी, चर्चगेट (6) बिनय कुमार झा- स्टेशन अधीक्षक (परिचालन), वडोदरा (7) संजू पासी- वाणिज्य अधीक्षक, चित्तौड़गढ़।

यह पुरस्कार न केवल अधिकारियों या कर्मचारियों के लिए एक उपलब्धि है, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों, सहकर्मियों और उनके प्रियजनों के लिए भी गर्व की बात है। पश्चिम रेलवे को उनकी उपलब्धियों, उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण पर गर्व है जिससे उन्हें जीवन में एक बार मिलने वाले इस अवसर को हासिल करने में मदद मिली।

उप मुख्य इंजीनियर, निर्माण, चर्चगेट के पद पर कार्यरत योगेश कुमार ने रिकॉर्ड समय के भीतर विभिन्न महत्वपूर्ण और प्रमुख इंफ्रास्ट्रयक्चैरल परियोजनाओं को पूरा किया है। इन कार्यों में लोअर परेल, मुंबई में ट्रस प्रकार (ओपन वेब गर्डर) पुल के साथ 89 मीटर और 65-डिग्री स्यू अलाइनमेंट वाले डिलाइल सड़क ऊपरी पुल का पुनर्निर्माण, रेल यातायात पर कोई प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना निरंतर यातायात और पावर ब्लॉक लेकर अंधेरी में गोखले सड़क ऊपरी पुल के डिस्मेंबटलिंग कार्य को पूरा करना शामिल है। उन्होंने खार-गोरेगांव के बीच छठी लाइन के निर्माण और शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे मुंबई उपनगरीय ट्रेनों में भीड़भाड़ कम होगी और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का यात्रा समय कम हो जाएगा।

प्रियांश अग्रवाल – वरिष्ठा मंडल इंजीनियर, मुंबई सेंट्रल मंडल पश्चिम रेलवे के चुनौतीपूर्ण और व्याशपक रूप से उपयोग किए जाने वाले चर्चगेट-विरार उपनगरीय खंड की देखभाल का कार्य कर रहे हैं। इन्होंने पश्चिम रेलवे की मुंबई उपनगरीय सेवाओं को लोगों को सुरक्षित और कुशल तरीके से सेवा प्रदान करना सुनिश्चित करने के लिए मूल्यवान अचल परिसंपत्तियों के निपटान में अनुकरणीय और अभिनव विधि का निष्पा्दन किया है।

मेनका डोरोथी पांडियन, वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी, चर्चगेट भारतीय रेल पर पहली बार किए जा रहे गुड्स के निरीक्षण के लिए तीसरे पक्ष की एजेंसियों की भागीदारी शुरू करने के लिए उत्तरदायी थीं, यह कार्य एक पायलट परियोजना के रूप में पश्चिम रेलवे को सौंपा गया था। इस वर्ष अपनी ड्यूटी के निर्वहन में उत्कृष्टता के साथ-साथ सर्वोच्च समर्पण और प्रदर्शन के प्रति आपकी प्रतिबद्धता के सम्मान के तौर पर पांडियन को रिकॉर्ड समय में परियोजनाओं को पूरा करने की श्रेणी में अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।

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