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New Delhi : मुख्तार को गैर भाजपा शासित राज्य की जेल में ट्रांसफर की मांग, कोर्ट ने संशोधन कर दोबारा याचिका देने को कहा

नई दिल्ली : (New Delhi) सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के बाहुबली मुख्तार अंसारी (Uttar Pradesh’s strongman Mukhtar Ansari) के पुत्र उमर अंसारी की ओर से मुख्तार को यूपी की जेल से दूसरे राज्य की जेल में ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका में संशोधन कर दोबारा याचिका दायर करने का निर्देश दिया है। जस्टिस ऋषिकेश राय की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान उमर अंसारी के वकील ने कहा कि यूपी की जेल में उसके पिता की जान को खतरा है और उन्हें कभी भी मरवाया जा सकता है। कोर्ट ने इस दौरान बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक बार प्रधानमंत्री को भी उनके खुद के सुरक्षा गार्ड ही गोली मार कर हत्या कर चुके हैं। हालांकि कोर्ट ने मुख्तार के वकील को अपनी याचिका में संशोधन करते हुए दोबारा याचिका दाखिल करने को कहा।

याचिका में उमर ने बांदा जेल में बंद अपने पिता की हत्या की आशंका जताई थी। याचिका में कहा गया था कि वर्तमान सरकार उसके परिजनों को टारगेट कर रही है। उन्हें आशंका है कि मुख्तार अंसारी की बांदा जेल में ही हत्या की जा सकती है। याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता को पुख्ता सूचना मिली है कि मुख्तार अंसारी की हत्या की साजिश रची जा रही है। याचिका में मांग की गई थी कि मुख्तार अंसारी को गैर बीजेपी शासित किसी भी राज्य की जेल में ट्रांसफर कर दिया जाए।

याचिका में कहा गया था कि मुख्तार अंसारी बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में आरोपित हैं। उमर अंसारी ने आशंका जताई थी कि ठेके के गुंडों को छोटे-छोटे मामलों में बांदा जेल में बंद कराया जाएगा। इन गुंडों को बांदा जेल में हथियार दिए जाएंगे और सुरक्षा चूक का लाभ उठा कर मुख्तार अंसारी की हत्या की कोशिश की जा सकती है। उमर अंसारी ने अतीक अहमद की पुलिस हिरासत के दौरान हत्या का जिक्र किया था।

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