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Shimla : शिमला में बनेगा एशिया का सबसे लंबा 13.79 किलोमीटर का रोपवे, 1555 करोड़ की आएगी लागत

शिमला : (Shimla) हिमाचल प्रदेश की राजधानी (capital of Himachal Pradesh) शिमला में एशिया का सबसे लम्बा रोप-वे बनाया जाएगा। इसकी लंबाई 13.79 किलोमीटर होगी और इस पर 1555 करोड़ रुपये की लागत आएगी। खास बात यह है कि यह विश्व का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने दी।

उपमुख्यमंत्री अग्निहोत्री शुक्रवार को यहां पत्रकारों वार्ता से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि शिमला शहर में ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए इस रोपवे का निर्माण कराया जाएगा। शिमला शहर से सटे तारादेवी से उपनगर संजौली तक बनने वाले इस रोपवे पर कुल 13 स्टेशन बनेंगे। इसमें 660 केबिन होंगे और प्रत्येक केबिन में 8 से 10 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता होगी। उन्होंने कहा कि यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा रोपवे प्रोजेक्ट होने वाला है, जो भारत समेत कई देशों के लिए उदाहरण बनेगा।

उन्होंने कहा कि 1555 करोड रुपये का य़ह प्रोजेक्ट न्यू डेवलपमेंट बैंक एनडीबी से वित्त पोषित है। इसमें हिमाचल प्रदेश सरकार की भी हिस्सेदारी रहेगी। यह प्रोजेक्ट अब जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी प्रकार की एनओसी और टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। अगले अढ़ाई साल में प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा कर दिया जाएगा , जबकि पूरा प्रोजेक्ट पांच साल में पूरा होगा। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरे रोपवे की तीन लाइनें रेड, ग्रीन और ब्लू चलेगी। रोपवे के पूरे प्रोजेक्ट में 660 केबिन चलेंगी, जिसमें 8 से 10 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। एक स्टेशन पर 2 से 3 मिनट के बीच लोगों के लिए कैबिन उपलब्ध हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस रोपवे का पहला स्टेशन तारादेवी में बनेगा। इसके बाद ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स, टूटीकंडी पार्किंग, न्यू आईएसबीटी टूटीकंडी, रेलवे स्टेशन, ओल्ड बस स्टैंड शिमला, लिफ्ट, सचिवालय छोटा शिमला, नव बहार, संजौली, आईजीएमसी, आइस स्केटिंग रिंक और 103 टनल के नजदीक होटल चेतन पर बनाए जाएंगे। अग्निहोत्री ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए रोपवे प्रोजेक्ट में किराया बस किराये के समान ही रखा जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि तारा देवी-शिमला रोपवे के बाद परवाणू से शिमला तक भी रोपवे का निर्माण किया जाएगा। इस पर 6600 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसकी लंबाई 38 किलोमीटर होगी और यह विश्व का सबसे लंबा रोपवे होगा।

बता दें कि इस रोपवे का सबसे बड़ा फायदा सैलानियों का होगा। दरअसल, समर और विंटर सीजन के दौरान भारी संख्या में सैलानी शिमला आते हैं। ऐसे में शिमला शहर से पहले 10 किलोमीटर तक वाहनों का लंबा जाम लग जाता है। ऐसे में रोपवे के धरातल पर उतरने से सैलानियों को शहर में लगने वाले जाम से नहीं जूझना पड़ेगा।

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