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Sirsa : वकील नेशनल लोक अदालत का करेंगे बहिष्कार

सिरसा : रोड़ी व बड़ागुढ़ा थाने से संबंधित गांवों के केस डबवाली जिला पुलिस के अधीन किए जाने के विरोध में सिरसा कोर्ट में गुरुवार को भी वकीलों की हड़ताल जारी रही। साथ ही बार एसोसिएशन सिरसा ने ऐलान किया है कि 9 दिसंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत का बहिष्कार किया जाएगा। सिरसा कोर्ट में वकीलों की हड़ताल चार दिन से चल रही है। हड़ताल के

कारण किसी भी कोर्ट में केसों की सुनवाई नहीं हो रही है। सिरसा बार एसोसिएशन के समर्थन में आज रानियां व ऐलनाबाद कोर्ट में भी वकीलों ने नो वर्कडे रखा। यानि,वहां की कोर्ट में भी कोई काम नहीं हुआ। इस मामले में गत दिवस सिरसा बार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज तथा हाईकोर्ट के जज से मिला था और अपनी बात रखी थी। वहां से उन्हें इस मामले में सकारात्मक आश्वासन मिला है,मगर हड़ताल आज भी जारी है। अब वकीलों ने ऐलान किया है कि नेशनल लोक अदालत का सिरसा की बार एसोसिएशन बहिष्कार करेगी।

वकीलों का कहना है कि सिरसा के रोड़ी व बड़ागुढ़ा थाना को डबवाली कोर्ट से जोड़ना बहुत ही गलत निर्णय है। इससे दोनों थानों के 71 गांव के हजारों ग्रामीण व सिरसा कोर्ट के 1700 वकील प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों व व कीलों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि दोनों थाना क्षेत्र के गांव डबवाली से 50 से 60 किलोमीटर दूर हैं, जबकि सिरसा 15 से 20 किलोमीटर दूरी पर हैं। बार प्रधान ने बताया कि दोनों थाना क्षेत्र पंजाब सीमा से सेट हैं, यहां पर मादक पदार्थ तस्करी के मामले ज्यादा होते हैं। इन मामलों के लिए सिरसा में ही स्पेशल कोर्ट स्थापित है। जिले भर के मादक पदार्थ अधिनियम के मामले सिरसा कोर्ट में ही चलते हैं। इसके अलावा दोनों थाना क्षेत्र के ग्रामीणों के सभी सरकारी काम-काज सिरसा तहसील व उपायुक्त कार्यालय में होते हैं। ऐसे में कोर्ट केस को सिरसा से 60 किलोमीटर डब-वाली ट्रांसफर करना बिल्कुल भी सही नहीं है।

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