अहमदाबाद में भद्रकाली मंदिर परिसर में आयोजित विशिष्ट सांस्कृतिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल
अहमदाबाद : यूनेस्को द्वारा गुजरात के गरबा को इंटेंजिबल कल्चरल हेरिटेज (अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर) के रूप में घोषित किए जाने के उत्सव के अवसर पर अहमदाबाद के भद्रकाली मंदिर परिसर में बुधवार शाम आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने नगरदेवी मां भद्रकाली के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा विभिन्न प्रकारों के रास-गरबा नृत्य से सजे सांस्कृतिक कार्यक्रम को निहारा।
बोत्सावा में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र शिक्षा, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा गुजरात की संस्कृति के अभिन्न अंग गरबा को इंटेंजिबल कल्चरल हेरिटेज (अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर) के रूप में घोषित किए जाने का राज्यभर में सीधा प्रसारण किया गया। अहमदाबाद में भद्रकाली मंदिर परिसर सहित बनासकांठा में अंबाजी मंदिर परिसर, पंचमहाल में पावागढ़ मंदिर परिसर तथा मेहसाणा में बहुचराजी मंदिर परिसर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए गए और परंपरागत गरबा के साथ विशिष्ट सांस्कृतिक कार्यक्रम द्वारा इस ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव मनाया गया। इसके साथ राज्य के अन्य सभी जिलों में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किए जाने के कारण कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित स्थानीय लोगों ने इस कार्यक्रम आनंद उठाया।
दुनियाभर में अब गुजराती और गुजरात का गरबा विख्यात बनेंगे : संघवी
इस अवसर पर सांस्कृतिक गतिविधि विभाग के राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि विश्व के कोने-कोने में बसने वाले गुजरातियों के लिए आज गौरव का दिन है। गुजरात के गली-मोहल्लों-नगरों में आयोजित होने वाले परंपरागत गरबा से लेकर राज्य भर में आयोजित होने वाले आधुनिक गरबा देशभर में गुजरातियों की सांस्कृतिक विरासत के रूप में विख्यात बने हैं। यूनेस्को की ऐतिहासिक घोषणा से अब गुजरात का गरबा विश्व में पहुंचेगा और दुनियाभर में अब गुजराती और गुजरात का गरबा विख्यात बनेंगे।
संघवी ने आगे कहा कि एक गुजराती के रूप में दुनिया के किसी भी कोने में गरबा की धुन बजते ही हमारे पांव थिरकने लगते हैं। यह गरबा के प्रति हमारी अटूट भावना और अथाह प्रेम को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मां अंबा के प्रखर उपासक तथा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात में अपने मुख्यमंत्रित्व काल में ही राज्य की सांस्कृतिक विरासतों को वैश्विक स्तर पर उजागर करने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहे थे। उनके मार्गदर्शन में नवीन उपक्रम के रूप में राज्य में शुरू कराए गए वाइब्रेंट गुजरात नवरात्रि महोत्सव द्वारा गरबा को विश्वभर में बहुत ख्याति मिली है और नवरात्रि उत्सव विश्व में सबसे लंबा चलने वाला लोकोत्सव बना है। गुजरात के गरबा का समावेश होने के साथ अब यूनेस्को की ‘अमूर्त धरोहर’ की सूची में देश के उत्सवों, मेलों, परंपराराओं, क्षेत्रीय नृत्यों सहित कुल 15 सांस्कृतिक विरासतों का समावेश हुआ है।
अहमदाबाद में आयोजित इस उत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में अहमदाबाद की महापौर प्रतिभा जैन, अहमदाबाद के विधायक अमितभाई शाह, बाबूसिंह जादव, कौशिक जैन, दिनेशभाई कुशवाह, अमूलभाई भट्ट, दर्शनाबेन वाघेला, डॉ पायलबेन कुकराणी, कई पार्षद और अहमदाबाद मनपा के पदाधिकारी एवं मनपा आयुक्त एम. थेन्नारसन सहित बड़ी संख्या में नगरजन उपस्थित रहे।


