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Mirzapur : जीवन को नई दिशा देता है साहित्य : अनुप्रिया

बिहार के साहित्यकार डा. हरेराम सिंह को आचार्य रामचंद्र शुक्ल सम्मान

आचार्य रामचंद्र शुक्ल की मनाई गई 139वीं जयंती

वक्ताओं ने उनके कृतित्व को किया याद

मीरजापुर : आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 139वीं जयंती पर शनिवार को केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि साहित्य जीवन को नई दिशा देता है। आज नई पीढ़ी साहित्य से विमुख है, इसलिए उसको ध्यान में रखकर रचनाएं की जानी चाहिए। आचार्य रामचंद्र शुक्ल एक बड़े रचनाकार थे। उन्होंने अपने रचना कर्म से साहित्य जगत को अमूल्य उपहार दिया है।

मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिंदी साहित्य में आचार्य रामचंद्र शुक्ल का विशेष योगदान रहा है। हिंदी की विभिन्न विधाओं में उनका लेखन अद्वितीय है। डा. रेनू रानी सिंह ने आचार्य शुक्ल को कालजयी रचनाकार बताया। बिहार से आए साहित्यकार डा. हरेराम सिंह ने आचार्य शुक्ल के लेखन की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि उनकी स्थापनाएं अकाट्य हैं। भोलानाथ कुशवाहा, त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला आदि ने भी विचार व्यक्त किया। संचालन आनंद अमित ने किया। मुख्य अतिथि अनुप्रिया पटेल ने रोहतास के प्रसिद्ध साहित्यकार डा. हरे राम सिंह को आलोचना साहित्य के क्षेत्र में विशेष कार्य करने के लिए आचार्य रामचंद्र शुक्ल सम्मान से सम्मानित किया। वहीं भोलानाथ कुशवाहा, मोहिब मीरजापुरी, डा. हरेराम सिंह, रविंद्र पांडेय, डा. अनुराधा ओस, डा. सुधा सिंह, नंदिनी वर्मा, सारिका चौरसिया, शिव प्रसाद द्विवेदी, अताउल्लाह सिद्दीकी ने काव्यपाठ किया।

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