शिकायतकर्ता के अलावा उसके बहन व भाई को नौकरी लगवाने के नाम पर भी लिए पैसे
हिसार : सदर पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर की गई 6 लाख 30 हजार की ठगी मामले में रेवाड़ी के खोल निवासी मयंक को गिरफ्तार किया है। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एएसआई कृष्ण कुमार ने शनिवार को बताया कि इस संबंध में मय्यड़ निवासी पूजा गिरी ने थाना सदर में 20 अप्रैल को शिकायत दी थी। शिकायत में उसने बताया कि वह जिला न्यायालय में अधिवक्ता के तौर पर प्रेक्टिस करती है। करीब तीन साल पहले सोशल मीडिया पर उसकी पहचान आरोपित मयंक से हुई। मयंक ने उसे बताया कि वह गुरुग्राम न्यायालय में पब्लिक प्रॉसिक्यूशन है। मयंक ने उसे बताया कि गुरुग्राम कोर्ट में असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की महिला आरक्षित पोस्ट निकली है जो दो वर्ष की संविदा पर आधारित है। इस पर 10 दिन में ही अपॉइंटमेंट भी हो जाएगी। इसके बदले में पूजा को मयंक को तीन लाख रुपए देने होगे।
मयंक ने पूजा गिरी से तीन लाख रूपया लेकर उसे एक फर्जी इंटरव्यू लेटर दिया, जिसमें उसे 13 जून 2022 को जिला न्यायालय गुरूग्राम में सुप्रिडेंट ऑफ प्रॉसिक्यूटर के पास उपस्थित होना था। 12 जून को मयंक ने उसे बताया कि इंटरव्यू स्थगित हो गया है। मयंक द्वारा उसे फिर से 11 जुलाई का इंटरव्यू लेटर दिया। जब वह 11 जुलाई 2022 को गुरुग्राम पहुंची तो आरोपित ने सुपरिडेंट के बाहर जाने की बात कहकर बीच रास्ते में डॉक्यूमेंट साइन करवाए और कहा कि आपकी जॉइनिंग हो गई है। कोर्ट में एक महीने बाद अपीयर होना है। साथ ही उसने पुलिस लाइन गुरुग्राम में सरकारी आवास दिलाने के नाम पर 30 हजार रुपए भी लिए।
आरोपित मयंक ने शिकायतकर्ता पूजा गिरी को विश्वास के लेकर उसकी बहन ज्योति गिरी को नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के तहत सिविल अस्पताल भिवानी में और पूजा के भाई विशाल गिरी को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो पंचकूला (हरियाणा) में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपए और ले लिए। बाद में उसने किसी को कहीं भी ज्वाइन नहीं करवाया और अलग-अलग बहाने बना टालता रहा।


