गंगटोक: (Gangtok) उत्तरी सिक्किम में मंगलवार-बुधवार देर रात में बादल फटने के बाद तीस्ता नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। तीस्ता नदी कई घरों और लोगों को बहा ले गई है। प्रभावित इलाकों में जलविद्युत परियोजना के बांध और पुल नष्ट हो गए हैं। बड़ी संख्या में लोग लापता है और कई लोगों को बचाया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीेमें बचाव व राहत कार्य में लगी हैं। सिंगताम के गोलिटार से चार लोगों के शव बरामद हुए हैं।
उत्तरी सिक्किम
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार, अप्रत्याशित रूप से बढ़े तीस्ता नदी के पानी ने जनधन को भारी नुकसान पहुंचाया है। उत्तरी सिक्किम के चुंगथांग में एनएचपीसी बांध और पुल नष्ट हो गए हैं। मिंसिथांग, जेमा, रिचू और संगखलांग में भी पुल बह गए हैं। इन इलाकों में जलापूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गयी है।
गंगटोक
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने गंगटोक जिला अंतर्गत सिंगताम के गोलिटार से चार लोगों के शव बरामद किए है। एसडीआरएफ ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से 25 लोगों को बचाया है और राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। सिंगताम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिहारी भवन, नेपाली भवन और सिक्किम सुप्रीम में चार राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
तीस्ता नदी के पानी से यहां एनएचपीसी बांध का कंट्रोल रूम क्षतिग्रस्त हो गया है। एनएचपीसी तीस्ता परियोजना क्षेत्र से एक व्यक्ति लापता है और एक व्यक्ति को राजधानी गंगटोक के एसटीएनएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिंगताम में जल आपूर्ति और जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से नष्ट हो गई है।
पाकिम
पाकिम जिला अंतर्गत बागेखोला में सात लोग लापता हो गये हैं। माझीटार में तीन लोग तीस्ता नदी के पानी में बह गये हैं। 17 लोगों को मामूली चोटें आईं और उनका सिंगताम जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। रंगपो में भी जलापूर्ति और जल निकासी व्यवस्था भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है।
नामची
नामची जिले के मामरिंग में तीस्ता नदी में दो मजदूर बह गये, जबकि यहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार-बुधवार की देर रात उत्तरी सिक्किम की ल्होनक झील के आस-पास बादल फटने से झील का जलस्तर बढ़ गया और अचानक बाढ़ आ गई। झील का पानी तीस्ता नदी में मिलने के बाद नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया। इससके नदी ने किनारे के निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।



