थाना मझोला क्षेत्र में बुधवार देर रात्रि लेनदेन के विवाद में कूड़ा कचरा बीनने वाले की रियाजुल की कर दी गई थी हत्या
मुरादाबाद : मुरादाबाद के थाना मझोला क्षेत्र में बीते देर रात्रि लेनदेन के विवाद में कूड़ा कचरा बीनने वाले थाना क्षेत्र के जयंतीपुर निवासी रियाजुल शेख (35 वर्ष) के हत्यारोपित थाना गलशहीद के असलतपुरा गुलशन नगर निवासी जमाल अहमद खान उर्फ रूमी पुत्र स्व. शफीक अहमद खान आज थाना गलशहीद में आत्मसमर्पण कर दिया। हत्यारोपित के पास से एक अवैध तमंचा 12 बोर व एक खोखा कारतूस बरामद किया है। घटना का खुलासा पुलिस अधीक्षक नगर ने आज शाम थाना मझोला में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया।
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया व सिविल लाइन अर्पित कपूर ने बताया कि मूलरूप से बंगाल निवासी रियाजुल शेख थाना मझोला क्षेत्र के जयंतीपुर बंगाल बस्ती में पत्नी शकीला और बेटे और बेटी के साथ रहता था। रियाजुल कूड़ा-कचरा बीनने का काम करता था। मृतक की पत्नी शकीला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि थाना गलशहीद क्षेत्र के असालतपुरा के गुलशन नगर बड़ा हाता निवासी जमाल अहमद खान उर्फ रूमी पुत्र स्व. शफीक अहमद खान से उसके पति रियाजुल ने ब्याज पर बीस हजार रुपये लिए थे। पूरी रकम और ब्याज समेत लौटा दी थी। इसके बाद भी आरोपित रोमी और ब्याज मांग कर रहा था। उसके पति ने कुछ समय बाद रुपये देने के लिए कह दिया था। बुधवार देर रात्रि रोमी शराब के नशे में रियाजुल शेख के घर पहुंच गया और ब्याज की रकम मांगने लगा इसके बाद रियाजुल ने उसे समझाया कि मैं ब्याज समेत तुम्हारी पूरी रकम लौटा दी है अब मैं कुछ नहीं दूंगा। इसी बीच विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच तू-तू मैं-मैं व गाली गलौज शुरू हो गई देखते ही देखते रोमी ने अपनी अंटी में लगा तमंचा निकाला और उसके पति रियाजुल शेख के सीने में गोली मार दी। इसके बाद आरोपित रूमी मौके से भाग गया। शकीला अन्य लोगों की मदद से रियाजुल को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। घायल रियाजुल की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू कर दिया। उसके शरीर से खून अत्यधिक बह जाने के कारण कुछ देर बाद उसे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। जमाल अहमद खान उर्फ रूमी पुत्र स्व. शफीक अहमद खान आज थाना गलशहीद में आत्मसमर्पण कर दिया।
गिरफ्तार हत्यारोपित जमाल अहमद खान उर्फ रुमी ने बताया कि रियाजुल शेख मेरा दोस्त था, जिसको कबाड़ के व्यापार के लिए मैंने ब्याज पर 20,000 रुपये उधार दिये थे। परन्तु बार-बार रुपये मांगने पर भी रियाजुल शेख मेरे उधार के रुपये व उनका ब्याज नहीं दे रहा था। मैं उससे तंग आ गया था तथा दो दिन पहले जब रियाजुल शेख से अपने उधार व ब्याज के रुपये मांगे तो उसने देने से साफ इन्कार कर दिया तथा कहा कि जो तुझे करना हो कर ले, मैं ब्याज तो क्या मूल भी नहीं दूंगा। तब मैंने गुस्से में आकर आकर उसकी छाती में गोली मार दी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।



